देशभक्ति पर भाषण

देश भक्ति किसी देश के लिए उसके नागरिकों के प्रेम और भावना को दर्शाता है. हर वो व्यक्ति जो अपने देश और उसकी संस्कृति से प्रेम करता है वो हमेशा अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने को तैयार रहता है.

एक सच्चे देशभक्त का यहीं कर्तव्य होता है कि वो अपने देश हित के लिए हमेशा अपना योगदान देता रहे. आज जिस आजाद भारत में हम खुली हवा में साँस ले रहे है इसके पीछे भी कई सच्चे देशभक्तों के बलिदान है. 

इस लेख में देश भक्ति के ऊपर भाषण लिखा गया है जो इस लोकप्रिय विषय पर भाषण देने में आपके लिए उपयोगी है.

Speech on Patriotism in Hindi

देशभक्ति पर भाषण (Desh Bhakti Speech in Hindi)

माननीय प्राचार्य महोदय, गुरुजनो और मेरे प्यारे छोटे-बड़े भाइयों और बहनो को मेरा प्रणाम. आज मैं आप सभी के समक्ष ऐसे विषय पर भाषण देने के लिए खड़ा हूँ जो हमारे बीच बहुत ही लोकप्रिय है.

देशभक्ति हमारे देश के बच्चे, बूढ़े, युवा और महिला सबके खून में बसी हुई है. समय आने पर हम अपने देश के लिए मर मिटने को भी तैयार रहते है.

हमारे देश में अलग-अलग धर्म है और सभी की अपने अपने धर्म के लिए गहरी आस्था होती है लेकिन जब भी हमारे देश या वतन की बात आती है तो हमारे लिए सबसे बड़ा धर्म देशभक्ति है. यह कोई नई बात नहीं बल्कि बहुत पुराने समय से ही देश भक्ति लोगों के अंदर ज़िंदा रही है.

देश भक्ति क्या है?    

किसी भी देश के नागरिकों के द्वारा अपने देश से प्रेम करना और देश के खिलाफ हो रही बुराई से लड़ना देश भक्ति कहलाता है.

जैसे हमारे देश के वीर जवान अपनी हर चीज़ का त्याग और बलिदान करके हमेशा हथियारों के साथ देश की सुरक्षा के लिए खड़े रहते है यह देश भक्ति का बहुत बड़ा उदहारण है.

आये दिन हमारे देश के जवानों के शहीद होने की खबरें आती है वो अपने फायदे के लिए अपनी जान नहीं गँवाते बल्कि देश के दुश्मनों से लड़ते हुए खुशी-खुशी शहीद होते है.

केवल देश के लिए हथियारों के साथ लड़ने वाले ही देश भक्त नहीं होते बल्कि हर वो नागरिक जो देश के हित में काम करता है.

और संकट में आर्थिक या सामाजिक रूप से लोगो की मदद करना, टैक्स भरना, देश की विभिन्न धरोहर की रक्षा करना, तिरंगे का सम्मान करना और विभिन्न कानूनों का पालन करना भी देश भक्ति है. अतः किसी भी प्रकार से देश हित में विचार करना और काम करना सच्ची देशभक्ति है.

देश भक्ति का इतिहास

हमारे देश और दुनिया के इतिहास में भी देशभक्ति की कहानियाँ सुनने को मिलती है. सबसे बड़ा उदहारण तो हमारा देश भारत है जहाँ आज़ादी के संघर्ष के दौरान कई महान क्रान्तिकारियों ने अपनी जाने गवाई और देशभक्ति का परिचय दिया.

वो वीर पुरुष इतिहास के पन्नों में आज भी अमर है चाहे वो वीर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक जैसे कोई भी क्रांतिकारी हो. सभी क्रांतिकारियों के हम बहुत आभारी है.

अपने देश और देश के नागरिकों साथ हुए अत्याचारों के खिलाफ देश के सभी समुदायों के लोग एक हुए और देश को आज़ादी दिलाने के लिए संघर्ष किया.

अगर उस समय सभी लोगों में एकता नहीं होती तो देश को आजाद होने में और भी ज्यादा समय लग जाता. सभी लोगों में एकता का भाव देश प्रेम और देश भक्ति से ही उत्पन्न हुआ था. देश भक्ति ने विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों को एक साथ बांधे रखा.       

देश भक्ति का महत्त्व 

देश भक्ति का क्या महत्व है? देश भक्ति क्यों जरूरी है? ये सवाल किसी के भी मन में आ सकता है और यह जानना भी जरूरी है कि किसी देश के लिए उसके नागरिकों की देश भक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?

हमने जिस देश की धरती पर जन्म लिया वो धरती हमारी माँ के समान है और जिस प्रकार एक पुत्र का अपनी माँ के लिए जो प्रेम होता है वैसे ही हमारा प्रेम हमारी जन्म भूमि और देश के लिए होता है. 

एक किसान जो सर्दी गर्मी और बरसात में दिन रात मेहनत करके देश के लिए अनाज पैदा करता है जो हमारे देश के हर नागरिक की भूख मिटाता है.

सोचो अगर किसान सिर्फ अपने लिए ही अनाज पैदा करे और वो देश के  बारे में बिल्कुल नहीं सोचे तो हो सकता है लोग भूखे मर जाए. यह बात हमें किसान की देश के लिए देश भक्ति का महत्त्व समझाती है.

अच्छी आय वाले लोग अपनी आय का कुछ हिस्सा सरकार को टैक्स के रूप में देते है ताकि देश को आर्थिक सहायता भी मिले और देश का विकास हो सके.

यह विचार भी देश भक्ति के महत्व को दर्शाता है. देश का सैनिक अपने परिवार को छोड़ कर देश की रक्षा के लिए सर्दी गर्मी और बरसात जैसे मौसम में सरहद पर खड़े रहते है ताकि देश की सुरक्षा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके.

लोगों में देश भक्ति का भाव उत्पन्न करने और हमेशा जीवित रखने के लिए हम देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे विभिन्न राष्ट्रीय त्यौहार मनाते है.

ताकि लोग इन देश प्रेमी घटनाओं से कुछ सीख ले. महात्मा गाँधी, भीमराव अम्बेडकर और अब्दुल कलाम जैसे हर महापुरुष के बारे हमें किताबों में पढ़ाया जाता है ताकि उनके जीवन से देश भक्ति की प्रेरणा ले.

निष्कर्ष

मैं अपने इस भाषण के अंत में सभी से अनुरोध करता हूँ कि देश भक्ति को हमेशा अपने अंदर ज़िंदा रखे और देश के हित में अपना छोटा-बड़ा योगदान देने की कोशिश करे.

यह तो संभव नहीं कि देश भक्ति का परिचय देने के लिए हम सब सरहद पर खड़े हो जाए लेकिन जब भी कोई हमारे देश के खिलाफ कुछ गलत करे तो उसके विरोध में खड़े रहे, देश के धरोहर की रक्षा करे, कानून और संविधान का पालन करे.

हर राष्ट्रीय त्योहार के आयोजन में सभी को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए ताकि हर व्यक्ति को देश भक्ति का अहसास हो. इसी के साथ भाषण को यही समाप्त करता हूँ. जय हिंदी जय भारत!

सबंधित

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