प्रकृति पर भाषण

प्रकृति मनुष्य के जीवन का एक अभिन्न अंग है प्रकृति ने मनुष्य को बहुत कुछ दिया है. हमारे आसपास जितने भी संसाधन है वो सभी प्रकृति की ही देन है.

और यहाँ तक की हम खुद भी प्रकृति की ही देन है. प्रकृति हमारी हर उन जरूरतों को पूरा करती है जो हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है हमारे पास रोटी, कपड़ा,  मकान और अन्य जो कुछ भी है वो प्रकृति से ही प्राप्त होती है.

लेकिन मनुष्य प्रकृति के इस उपकार का सम्मान करने की बजाय प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है जिसके परिणाम बहुत ही घातक हो सकते है.

इस लेख में प्रकृति पर भाषण लिखा गया है जिसका उद्देश्य सभी प्रकृति के प्रति जागरूक करना है और सभी विद्यार्थियों की इस विषय पर भाषण तैयार करने में मदद करना है.

Speech on Nature in Hindi

प्रकृति पर भाषण (Speech on Nature in Hindi)

परम आदरणीय प्राचार्य महोदय, शिक्षक गण और सभी छोटे-बड़े भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार.

आज मैं बहुत ही महत्वपूर्ण विषय ‘प्रकृति’ पर भाषण देने के लिए आप सभी के समक्ष खड़ा हूँ. प्रकृति एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है जिस पर बहुत कम लोग चर्चा करते है.

लोगो को प्रकृति के प्रति जागरूक करना बहुत ही आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके.

प्रकृति के बिना संसार में किसी भी प्रकार के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. 

प्रकृति की परिभाषा 

प्रकृति की परिभाषा को लेकर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है. प्रकृति कोई एक वस्तु नहीं है बल्कि हमारे आस पास की हर चीज़ प्रकृति का हिस्सा है.

जन्म से लेकर मृत्यु तक और मृत्यु के बाद भी सब प्रकृति का हिस्सा है. प्रकृति से ही हमारे शरीर को पोषण मिलता है. हमारे आस पास की हवा, पानी, पहाड़, पेड़, मैदान , जीव जन्तु, आसमान, पृथ्वी, नदिया, जंगल हर एक छोटी से बड़ी चीज़ प्रकृति का हिस्सा है.

जैसे एक माँ अपने बच्चे के लिए सब कुछ होती है और हर परिस्थिति में उसकी रक्षा करती है उसी प्रकार पृथ्वी भी हम सभी जीवो के लिए माँ के समान है जो हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़ी रहती है. 

इस संसार की हर प्रक्रिया प्रकृति से जुड़ी हुई है और प्रकृति इन्हीं प्रक्रियाओं का आपस में संतुलन बनाये रखती है. जैसे हमारी श्वसन क्रिया का संतुलन पेड़ पौधो की श्वसन क्रिया से बना हुआ है.

हम सांस लेते समय ऑक्सीजन अंदर लेते है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर छोड़ते है वही कार्बन डाइऑक्साइड पौधे अंदर लेते है और ऑक्सीजन बाहर छोड़ते है इस प्रकार प्रकृति ने हमारे बीच संतुलन बनाया हुआ है.

प्रकृति का महत्त्व 

प्रकृति हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है इसके लिए हजारों उदाहरण मौजूद है. प्रकृति का हमारे लिए ही नहीं बल्कि सभी जीवों के बराबर महत्व है चाहे वो छोटा जीव हो या फिर बड़ा जीव. हर जीव की भोजन श्रृंखला आपस में प्राकृतिक रूप से जुड़ी हुई है.

अगर कोई शाकाहारी जीव है तो हरे भोजन पर निर्भर होते है और मांसाहारी जीव शाकाहारी जीवों पर भोजन के लिए निर्भर रहते है.

सर्दी, गर्मी और बरसात हर मौसम का प्रकृति के द्वारा संतुलन बनाया हुआ है. समुद्र के पानी से बादल बनते है और भूमि पर बारिश होती है.

बारिश के पानी से ही खेती होती है जिसकी वजह से ही किसान अपनी फसल का अच्छे से उत्पादन करता है. यह भी हमारे लिए प्रकृति की बहुत बड़ी देन है.

हमारे आसपास आस पास पेड़-पौधे और हरियाली होने से धरती का तापमान भी संतुलित रहता है और प्रकृति का यह हरा भरा रुप हमारी आँखों को ठण्डक महसूस करता है. कई महान लेखकों और कवियों ने प्रकृति के सौंदर्य की तुलना अपनी कविताओं में भी की है. 

ऐसा माना जाता है कि हम प्रकृति की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए जितने प्रयत्न करते है पृथ्वी कई गुना ज्यादा हमें विभिन्न तरीकों से वापस लौटाती है तभी तो इसकी तुलना जन्म देने वाली माँ से की गयी है.

प्रकृति बिना किसी हित के हमारे जीवन को खुशहाल और सुन्दर बनाने का गुण हमें सिखाती है. कई लोगो ने प्रकृति को अच्छे शिक्षक की उपाधि भी दी है.

हमारी पृथ्वी के आसपास प्राकृतिक रूप से बनी एक ओज़ोन की परत है जो हमें सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों से बचाती है.

जो कोई मानव निर्मित नहीं बल्कि प्रकृति का बहुत बड़ा चमत्कार कहा जा सकता है. प्रकृति हर वस्तु के साथ संतुलन बनाये हुए है तभी इसका हमारे जीवन में इतना महत्व है.

प्रकृति के संरक्षण की जरूरत

प्रकृति ने हमें कई ऐसे संसाधन उपलब्ध कराये है जिनका उपयोग हम अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते है.

लेकिन लोगों का लालच प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जिसके चलते वो अपने जीवन को और बेहतर बनाने के लिए जरुरत से ज्यादा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग या उनको नुकसान पहुँचा रहा है इसी वजह से प्रकृति के संरक्षण पर विचार करना बहुत ही आवश्यक हो गया है.

हम आये दिन बड़ी मात्रा में पेड़ो और जंगलों की कटाई कर रहे है जिसके परिणामस्वरूप हरियाली बहुत कम हो चुकी है.

वायुमंडल में ऑक्सीजन का स्तर भी बहुत तेजी से गिरता जा रहा है और कार्बन डाइऑक्साइड  का स्तर बढ़ता जा रहा है जिसके कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ता जा रहा है.

जो ग्लोबल वार्मिंग और ओज़ोन डिप्लेशन जैसी गंभीर समस्याओं को उत्पन्न कर रहा है. इन समस्याओं को कम करने के लिए पेड़ो की कटाई को रोकने और नए पेड़ लगाने की तरफ ध्यान देने की जरुरत है.

मनुष्य अपने जीवन को बेहतर बनाने की लिए आये दिन नए नए वाहन सड़कों पर चला रहा है जो ईंधन की खपत करते है और कई प्रकार के प्रदुषण पैदा करने वाले पदार्थ छोड़ते है.

जिनकी वजह से वायुमंडल में प्रदूषण हो रहा है और हर प्राकृतिक वस्तु को हानि पहुँच रही है. हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए और प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि प्रकृति का संरक्षण किया जा सके.

मैं आज के इस भाषण की समाप्ति के साथ आप सभी से यह अनुरोध करना चाहता हूँ प्रकृति को अपनी माँ की तरह समझते हुए हमें इसके संरक्षण के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलानी है.

और इसके द्वारा प्रदान किये गए हर संसाधन को अपनी आवश्यकता के अनुसारी ही उपयोग करना है. हम सभी युवाओं को मिलकर हमारे आस पास के हर व्यक्ति को प्रकृति का महत्व समझाना है और आने वाली पीढ़ी को अच्छा सन्देश देना है.

आसपास हरियाली रखने के लिए पेड़ लगाने के अभियान चला कर ज्यादा से ज्यादा लोगो को अपने साथ जोड़ना है तभी प्रकृति के लिए हम अपना कुछ योगदान दे सकेंगे. इसी के साथ मैं आज के अपने इस भाषण को यहीं समाप्त करता हूँ.  

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