शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध

सदियों से शिक्षा का मनुष्य के जीवन में एक महत्वपूर्ण योगदान रहा है. शिक्षा ने दुनिया में ऐसे चमत्कार किए है जो वाकई में हमें सोचने पर मजबूर करते है.

कि शिक्षा का किसी भी व्यक्ति के जीवन में कितना महत्व है. लेकिन हमारे ज़हन में यह सवाल हमेशा रहना चाहिए कि शिक्षा का वास्तविकता में उद्देश्य क्या है?

क्या केवल किताबी ज्ञान लेना ही शिक्षा है? इन सवालों का सटीक जवाब यह है कि शिक्षा का वास्तविकता में उद्देश्य व्यक्ति का मानसिक और शारीरिक दोनों तरीकों से सर्वांगीण विकास करना होता है.

जीवन में खेलों का महत्व पर निबंध हिंदी में

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मनुष्य के मस्तिष्क का सही विकास करने के लिए उसका शारीरिक रूप से विकास होना बहुत आवश्यक है. इन्ही बातो को ध्यान में रखते हुए स्कूली शिक्षा में खेल को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है ताकि बच्चे का सर्वांगित विकास हो.

इस लेख में शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध लिखा गया है. जो स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों की परीक्षा में पूछे गए इस विषय पर लिखने में मदद करेगा साथ ही आपके जीवन में खेलो की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने में मदद करेगा.

स्वास्थ्य में खेलों का महत्व 

मनुष्य का स्वास्थ्य ही उसका सबसे कीमती गहना है और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भोजन के साथ-साथ खेल, क्रीड़ा और व्यायाम की आवश्यकता होती है.

ये मनुष्य के शरीर को स्फूर्ती और रोग प्रतिरोध की क्षमता बढ़ाते है जो शरीर में प्रवेश करने वाली बीमारियों का सामना करने में मदद करती है.

खेल और क्रीड़ा के अलावा व्यायाम करके शरीर को स्वस्थ रख सकते है. रोज़ाना व्यायाम करना व्यक्ति को उबाऊ लग सकता है लेकिन खेल व्यक्ति का मनोरंजन भी करते है.

खेल में होने वाली हार और जीत व्यक्ति का उत्साह बढाती है और साथ ही परिस्थितियों का सामना करना भी सिखाती है. यही कारण है कि बच्चे व्यायाम से ज्यादा खेलों को महत्व देते है. 

शिक्षा और खेल का सम्बन्ध

शिक्षा और खेल का एक दूसरे के साथ गहरा संबंध है शिक्षा व्यक्ति के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तो वही खेल व्यक्ति शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

लेकिन व्यक्ति के मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है उसके शरीर का स्वस्थ होना.

अगर कोई व्यक्ति शरीर से कमजोर या बीमार है तो वो मानसिक रूप से चिड़चिड़ा और उदास रहता है और वो किसी भी काम में अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है.

खेलने से व्यक्ति के शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है जो शारीरिक विकास में फायदेमंद होता है.

शिक्षा व्यक्ति को किताबी ज्ञान देती है और खेल व्यक्ति को प्रायोगिक ज्ञान देता है. खेल किसी परिस्थिति में व्यक्ति का आत्मनिर्भर होना और निर्णय लेना भी सिखाता है. इसी वजह से शिक्षा और खेल का आपस में गहरा संबंध बताया गया है.

खेल और शिक्षा का सन्तुलन 

व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए सबसे जरूरी है सभी क्रियाओं का संतुलन बनाये रखना. एक खिलाड़ी के जीवन में शिक्षा का भी उतना ही महत्त्व है.

जितना खेल का और एक विद्यार्थी के जीवन में भी खेल का उतना ही महत्त्व है जितना शिक्षा का.

केवल खेल खेलते रहना भी अच्छे व्यक्तित्व विकास के दृष्टिकोण से अच्छा नहीं है. व्यक्ति को जीवन में खेल और शिक्षा का संतुलन बनाये रखना है.

बच्चो को पढाई के समय पर अपना ध्यान केवल पढ़ाई पर केंद्रित करना है और खेल के समय पढ़ाई की सभी चिंताओं को भूलकर सिर्फ खेलने पर ध्यान केंद्रित रखना है. 

खेलों के प्रकार 

मनुष्य ऐसा प्राणी है जो आये दिन कई आविष्कार करता रहता है. समय के साथ-साथ मनुष्य ने कई खेलो का आविष्कार भी किया लेकिन हर खेल का अपना अलग ही महत्व है.

कुछ खेल ऐसे है जो केवल मानसिक विकास या मनोरंजन के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है उनका शारीरिक विकास से कोई नाता नहीं होता जैसे शतरंज, कैरम बोर्ड, साँप सीढ़ी का खेल, ताश के पत्तो का खेल आदि.

बहुत से खेल ऐसे है जो व्यक्ति के शारीरिक विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जैसे कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, कुश्ती, टेनिस, बास्केटबॉल, हॉकी आदि खेल मनोरंजन से साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक होते है.

खेल के लाभ

जैसा की हमे पता है खेल मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है साथ ही खेल से और भी कई प्रकार  लाभ होते है –

  1. किसी भी खेल में  होने वाले लाभ या हानि व्यक्ति के जीवन में आई परिस्थितियों का सामना करना और उभरने की सिख देते है.
  2. खेल के दौरान खिलाड़ी किसी टीम का हिस्सा होता है जहाँ सभी खिलाड़ियों के साथ उसको तालमेल बिठाकर खेल को जीताने में टीम के लिए अपना योगदान देना होता है. यह बच्चे को जीवन में उसकी भूमिका का महत्त्व सिखाता है.
  3. ज्यादातर खेल खुले मैदान में खेले जाते है जिसकी वजह से बच्चो को भूख ज्यादा लगती है और उनका शारीरिक विकास तेज़ी से होता है.
  4. खेल के दौरान कुछ ऐसी परिस्थिति आती है जब खिलाड़ी हारते हुए भी जीत जाते है यह बच्चो को जीवन में धैर्य और सहनशीलता का ज्ञान देता है.
  5. खेल में जब बच्चा जीतता है तो उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और बच्चे के अंदर उत्साह पैदा करता है.  

खेल में करियर 

खेल केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसको एक अच्छे करियर के रूप देखा जा सकता है.

ऐसे बहुत से लोग है जिन्होंने खेल को अपना करियर बनाया और जीवन में अच्छा मुकाम हासिल किया सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, सानिया मिर्ज़ा जैसे लाखो खिलाड़ी है.

बेहतरीन करियर को देखते हुए आज के समय में लाखो लोग इसमें करियर बनाने का प्रयास कर रहे है.

उपसंहार 

शिक्षा में खेल का महत्व हमने समझ लिया इसी वजह से व्यक्ति को कोई न कोई खेल अवश्य खेलना चाहिए.

माता-पिता को अपने बच्चो को खेल के प्रति जागरूक करना और प्रोत्साहित करना चाहिए. अगर आप भी कोई खेल नहीं खेलते तो खेलना शुरू करें.

आपको अपने अन्दर एक अलग बदलाव जरूर देखने को मिलेगा और साथ ही आपके शरीर की बीमारियों से भी दूरियाँ बनी रहेगी.

उम्मीद है इस लेख से आपको खेल के महत्त्व के बारे में उपयोगी जानकारी मिली होगी.   

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