गणतंत्र दिवस पर निबंध

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस देश के इतिहास के दो सबसे बड़े और महत्वपूर्ण दिन है जिनको बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ पूरे देश में मनाया जाता है. इस लेख में हम गणतंत्र दिवस के ऊपर चर्चा करेंगे.

गणतंत्र दिवस को हर वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन हमारे देश में संविधान को लागू किया गया था.

गणतंत्र दिवस पर निबंध (Republic Day Essay in Hindi)

Republic Day Essay in Hindi

जिसके परिणामस्वरूप ही आज देश के प्रत्येक नागरिक के पास संवैधानिक अधिकार है जिनकी मदद से वो अपने साथ हुए अधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठा सकता है. संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने वाले  सभी महान व्यक्तियों को नमन किया जाता है. 

इस लेख में गणतंत्र दिवस पर निबंध लिखा गया है जिस विषय पर छोटी कक्षा के विद्यार्थियों को अक्सर परीक्षा में निबंध लिखने को कहा जाता है.

गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन 

गणतंत्र दिवस पर देश की हर स्कूल और सरकारी कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और सभी बच्चों में अलग ही उत्साह रहता है.

26 जनवरी का यह दिन आने से कई दिनों पहले से ही बच्चे तैयारियां करना शुरू कर देते है. बच्चे नये कपड़े और जूते खरीदते है ताकि गणतंत्र दिवस पर वो सबसे साफ़ सुथरे और सुन्दर दिखाई दे.

स्कूल में विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए बच्चे कई दिनों तक अभ्यास करते है और परेड के लिए भी विशेष अभ्यास किया जाता है. गणतंत्र दिवस के दिन सभी बच्चे जल्दी उठकर नहा धोकर तैयार होते है.

और एक साथ ध्वजारोहण के लिए एकत्रित होते है. सबसे पहले मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान गाया जाता है.

परेड के लिए लड़के, लड़कियों, एन सी सी और स्काउट के अलग अलग ग्रुप बनाये जाते है और सभी अपना बेहतर प्रदर्शन देने का प्रयास करते है.

बच्चे देश भक्ति गीत, सांस्कृतिक नृत्य, कविताएं, भाषण और नाटक जैसी विभिन्न प्रस्तुतियां देकर सभी को देश प्रेम का सन्देश देते है. कार्यक्रम की समाप्ति बच्चों को पुरस्कार वितरण कर उनका उत्साह बढ़ा कर की जाती है.

गणतंत्र दिवस के दिन हमारे देश की राजधानी दिल्ली में अलग ही चहल पहल रहती है. देश की राष्ट्रीय धरोहर लाल किले और राजपथ को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और इस दिन के लिए देश के प्रधानमंत्री के द्वारा विशेष अतिथि को आमंत्रित किया जाता है.

देश के सभी नेता और नागरिक गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर एकत्रित होते है और बड़े जोश के साथ मनाते है. देश के प्रधानमंत्री के देश के संबोधन में भाषण दिया जाता है और गणतंत्र दिवस के महत्व को समझाया जाता है.

हमारे देश की थल सेना, वायु सेना, जल सेना और अन्य सुरक्षा बलों के द्वारा अपनी परेड और शस्त्रों का प्रदर्शन किया जाता है.  सभी लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर बहुत ही जोश और उत्साह होता है.

गणतंत्र दिवस का इतिहास 

हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजो की गुलामी से आज़ाद हुआ था लेकिन उस समय हमारा कोई संविधान नहीं था और किसी भी देश में शासन को शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण तरीके से चलाने के लिए संविधान का होना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है.

संविधान निर्माण करने का विचार तो आज़ादी से पहले से ही शुरू हो गया 1935 में एम.एन. रॉय के द्वारा पहली बार संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा गया था. 

कैबिनेट मिशन के अंतर्गत 1946 में संविधान सभा की स्थापना की मंजूरी दी गयी और संविधान निर्माण के लिए 389 लोगों की एक कमेटी का गठन किया गया और 9 दिसंबर 1946 को पहली बार नई दिल्ली में संविधान सभा की बैठक का आयोजन किया गया और 11 दिसंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू को संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

फिर 19 अगस्त 1947 को डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की अध्यक्षता में ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया गया जिनको संविधान निर्माण का जिम्मा सौंपा गया.

इस कमेटी ने दुनिया के विभिन्न देशों के संविधान को पढ़ा और उनसे प्रेरणा लेते हुए 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन में भारत के संविधान का निर्माण किया और 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान को लागु किया गया.

संविधान निर्माण में भीमराव अम्बेडकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा इसी कारण उनको हमारे संविधान का पिता भी कहा जाता है. इसी दिन से भारत एक पूर्ण गणतंत्र देश कहलाया और इसको इतिहास में अमर रखने के लिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया है. 

गणतंत्र दिवस का महत्त्व 

वर्तमान में भी हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग है जिनको यह नहीं पता होता कि गणतंत्र दिवस का क्या महत्व है? गणतंत्र का अर्थ होता है जनता के द्वारा चलाया गया शासन.

जनता देश की शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से एक राष्ट्रपति का चुनाव करती है. संविधान देश के नागरिक को यह सभी अधिकार देता है.

संविधान सरकार और आम नागरिक को ये बताता है उनके क्या अधिकार है? ताकि कोई अपनी मन मर्जी से शासन न कर सके.

एक गणतंत्र देश में हमेशा संविधान के दायरे में रहकर कर काम किया जाता है जिसके कारण ही वंशवाद और जातिवाद का शासन समाप्त हो पाया है.

उपसंहार

गणतंत्र दिवस का दिन हमारे देश का बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है और इस अवसर पर हमारे देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है.

सभी को बड़े उत्साह और जोश के साथ यह  उत्सव मनाना चाहिए और देश के संविधान निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों के बारे में पढ़ना चाहिए.

हमें संविधान का महत्व समझना और उसका सम्मान करते रहना है साथ ही इससे अनजान लोगो को भी इसका महत्व समझाना है. संविधान में बताये सभी कानूनों, कर्तव्यों, मूल्यों, अधिकारों का हमेशा सम्मान करते रहना है. 

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