श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भाषण

श्री कृष्ण भगवान के जन्म दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है. ये हर साल रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष में मंदिरों को सझाया व् विशेष पूरा अर्चना की जाती है और भगत जन कृष्ण भगवान को खुश करने के लिए व्रत भी रखते है जिस से कृष्ण भगवान खुश होकर मन चाहा वर्धान देते है.

साथ ही स्कूल, कॉलेज में प्रोग्राम भी आयोजित किये जाते है जिस में बच्चे भाग लेते है कोई भाषण सुनाता है तो कोई नाटक कर मन को मोह लेता है. जन्माष्टमी के पावन अवसर पर में आप के लिए कृष्ण जन्माष्टमी पर भाषण (Janmashtami Speech in Hindi) लेकर आया हूँ जिस को आप स्कूल, कॉलेज में भाषण देने व् तयारी के लिए भी प्रयोग कर सकते हो तो चलिए शरु करते है.

Janmashtami Speech in Hindi

Janmashtami Speech in Hindi | Speech On Janmashtami in Hindi

यहाँ पर उपस्तिथ सभी को मेरा नमस्ते  कृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर भाषण पेश करना चाहता हूँ मुझे उम्मीद है आपको जरुर पसंद आये गा.

मुथरा नगरी पर कंस राज करता था. कंस की देवकी नाम की बहन भी थी. कंस बहुत अत्याचारी था उस से प्रजा बहुत परेशान थी. देवकी का वासुदेव से विवहा कर दिया गया शादी के उपरांत ही भविष्यवाणी हुई “कंस तेरी बहन देवकी और वासुदेव का आठवा पुत्र ही तुमारा वध करे गा”.

भविष्यवाणी से डर कंस ने अपनी बहन देवकी और वासुदेव को कारागार में कद कर दिया. देवकी की कोख से जन्म लेने वाली सात पुत्रियों की कंस ने बेरहमी से हत्या कर दी. द्रपद माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी को रोहणी नक्षत्र में मध्यरात्री में कंश के कारागृह में कृष्ण ने जन्म लिया. बहुत भारी बारिश होने लगी पुराणों के हिसाब से श्री कृष्ण विष्णु भगवान के ही अवतार है.

भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश किया की तुम इस बच्चे को यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचा दो वहा पर ये कंस से सुरक्षित रहे है. वासुदेव उसे यशोदा और नंद के पास छोड़ आये. अब आपके मन में होगा वहा पर उपस्तिथ सेनिको ने कुच्छ नहीं किया कहा जाता है इस दोरान सभी सेनिक गहरी नींद में चले गए थे.

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत 

भगत जन जन्माष्टमी के पावन अवसर पर व्रत रखते है और पुरे दिन में एक ही बार पानी पीते है इसी के साथ वो आदि रात को मिठाइयो और फलो से अपना व्रत खोलते है. कहा जाता है इस दिन जोभी भगत जन दिल से व्रत रखता है उस की हर मनोकामना श्री कृष्ण भगवान पूरी करते है.

जन्माष्टमी प्रतियोगिता

माता पिता अपने छोटे – छोटे बच्चो को श्री कृष्ण के कपडे पहनाते है साथ में बहुत सी जगह पर तो  प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है. जिस का नाम होता है “दही-हांडी” जिस में भाग लेने वाले को आसमान में बंदी दही और लसी की हांड़ी तोडनी होती है.

जो एसा कर पता है उसे विषेश उपहार दिया जता है. सनातन धर्म के लोग भगवान कृष्ण को अपना ईस्ट देव मानते है वो विशेष तरीके से जन्माष्टमी को मानते है.

इसी के साथ अपने शब्दों को बिराम देता हूँ आपको और आपके परिवार को हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी!


आपने इन भाषण को पढ़ा क्या –

निष्कर्ष 

मुझे उम्मीद है आपको ये कृष्ण जन्माष्टमी पर भाषण (speech on krishna janmashtami in hindi) जरुर पसन् आय है इसे दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे धन्यवाद!

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