Hindi Moral Stories
Hindi Moral Stories

हेल्लो बच्चो स्वागत है आपका आज में आपके लिए Very Short Hindi Moral Stories लेकर आया हूँ जिनको पढ़ कर आपको मजा भी आये गा साथ में इस दुनियाँ को समझने में आसानी होगी.

बच्चो को शिक्षा देने का एक बहुत ही अच्छा साधन है कहानी सुना कर समझाना इसीलिए हम यहाँ पर आपके लिए बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ लेकर आये है. जिन को पढ़ कर बच्चो को सिख भी मिले गी और मनोरंजन भी होगा.

तो फिर चलिये शरु करते है और पढ़ते है हिंदी नैतिक कहानियाँ.

1. झूठा तोते की कहानी (Hindi Moral Stories)

एक जंगल में बक – बक नाम का तोता रहता था, उसे जूठ बोलने का बहुत सोक था, वह हमेसा बड़ी – बड़ी डींगे मरता रहता था.

एक दिन चिड़िया तोते के पास आती है.

चिड़िया : बक – बक आज तुमने क्या खाया. 
तोता : में तो आज राज महल में गया था वहा पर मेने बहुत सारे फल खाए साथ में राजा ने मुझे Gift भी दिए.
फिर अचानक से उन के पास कोवा आ जाता है और वो कहता है बक – बक तुम जूठ मत बोलो मेने तुमे सुबह मिर्च खाते देखा था. बक – बक तुम चुप रहो.

ऐसे ही बक – बक तोता सभी को जूठ बोलता रहता था.

एक दिन बक – बक तोते के पास एक कबूतर आया बक – बक ने कबूतर की बात न सुनते हुवे अपनी ही बातो में लगा रहा.

फिर अचानक से शेर आ जाता है और कबूतर से बोला तुम वापिस आ जाव तोते के पास तो बहुत धन है इसे महल की जरुरत नहीं है.

तोता कहता है कबूतर तुम क्या कह रहे थे में तुमे यहाँ कहने आया था की तुमे शेर राजा ने राज महल में रहने को बुलाया है लेकिन तुमने मेरी सुनी ही नहीं.

तोता अरे मेरे पास कुच्छ नहीं है मुझे राज महल ले चलो लेकिन अब तो शेर ने मना कर दिया है.

क्या सिख मिली : –

इस कहानी से हमे सिख मिलती है की –

2. सिंह और चुहाँ

एक दिन जंगल में शेर शो रहा था. अचानक से एक चुहाँ आकर शेर के ऊपर कूदने लगा शेर की नींद भंग हो गई.

 गुस्से में शेर चुहाँ को मरने के लिए दौड़ा , तो चुहाँ हाथ जोड़ कर रोने लगा और कहने लगा मुझे माफ़ कर दो में आगे से ये गलती कभी नहीं करू गा.

शेर ने चुहाँ पर दया आ गई उसे छोड़ दिया.

एक दिन जंगल में शिकारी आया और शेर को जाल में कद कर लिया शेर बहुत दुखी हो गया जोर – जोर से चिलाने लगा.

कोई भी शेर की मदद के लिए नहीं आया. लेकिन चुहाँ आया और जाल को अपने दांतों से काट कर शेर को आजाद कर दिया.

शेर ने चुहाँ को धन्यवाद कहाँ और वो दोनों दोस्त बन गए.

क्या सिख मिली : –

इस कहानी से हमे सिख मिलती है की –

3. लोमड़ी और कौआ

एक बार एक कौआ बहुत बुखा था वो खाने की तलाश में निकल पड़ा उसने एक बच्चे के हाथ में रोटी देखी.

उसे छीन कर उड़ गया और एक पेड़ पर जा बेठा कौआ रोटी खाने की सोच ही रहा था अचानक से लोमड़ी आ गई.

कौआ से बोली तुम गाना बड़ा अच्छा गाते हो गाके तो दिखाव कौआ ने इतनी तारीफ कभी नहीं सुनी थी (Hindi Moral Stories) तो वो रोटी को अपने पैर निचे दबाकर गाने लगा.

लोमड़ी की ये चाल तो फ़ैल हो गई उस ने सोचा था कौआ गाना गए गा और उस की रोटी मुँह से निचे गीर जाये गी में उसे खा लूँगी.

लोमड़ी फिर बोली कौआ मामा तुम डांस भी बहुत अच्छा करते हो जरा नाच के दिखाव कौआ तो बहुत ज्यादा खुश हो गया और नाचने लगा.

और उस के पाँव से रोटी छुट कर निचे गी गई और लोमड़ी ने तुरंत खा ली. कौआ रोने लगा.

क्या सिख मिली : –

इस कहानी से हमे सिख मिलती है की –

4. प्यासा कौआ

गर्मी का टाइम था और एक कौआ बहुत ज्यादा प्यासा था. परन्तु उसे कही पर भी पानी न मिला वो इदर – उदर भटकने लगा.

बहुत देर बाद उसे एक पानी का मटका दिखा कौआ बहुत खुश हुआ पानी पिने के लिए दोडा लेकिन पानी बहुत ज्यादा निचे था जिस कारण वो पानी नहीं पी सका.

कौआ परेशान हो गया और वो सोचने लगा कैसे में इस पानी को पी सकता हूँ. पास में ही कुच्छ पत्थर पड़े थे वो उन्हें उठा – उठा कर पानी में डालने लगा.

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पत्थर गिरने से पानी ऊपर आ गया और कौआ पानी पी कर उड़ गया.

क्या सिख मिली : –

इस कहानी से हमे सिख मिलती है की –

5. मेढकों की लड़ाई

एक सांप था जोकि अब बुढा हो चला था अब उस से शिकार के पीछे नहीं दोडा जाता था. सांप ने सोचा क्यों न ऐसा हो जाये की शिकार अपने आप मेरे पास आ जाये और उसे में खा लू.

तो वो एक तलाब के पास गया जहाँ पर बहुत सारे मेंढक रहते थे. (Hindi Moral Stories) सांप वहा जाकर उदास बैठ गया ऐसा देखकर एक मेंढक ने सांप से कहाँ तुम इतने उदास क्यों हो.

तुम शिकार क्यों नहीं कर रहे. तो सांप बोला कल मैंने एक बच्चे को कांट लिया और वो मर गया लेकिन उस बच्चे की माँ ने मुझे श्राप दे दिया की तुम मेंढको की सेवा करोगे जो वो देंगे वही खाओगे तो मैं आप की सेवा करने के लिए आया हूँ.

ये बात मेंढको ने अपने मेंढक रजा को बताई तो वो खुश हो गया.

सांप की बातो पर मेंढको के राजा को भी यकीन हो गया और मेंढक राजा के साथ सभी मेंढक सांप के ऊपर सवार हो गए और घुमने निकल गये.

थोड़ी देर बाद सांप धीरे – धीरे चलने लगा मेंढक राजा ने कहाँ मित्र तुम इतने धीरे से क्यों चल रहे है सांप ने कहाँ में बहुत थक गया हूँ और भूखा भी हूँ इसीलिए नहीं चल पा रहा.

तो मेंढक राजा ने कहा तो सबसे पीछे बेठा है उस मेंढक को तुम खा लो सांप ने तुरंत मेंडक को खा लिया.

एसा कर – कर सांप सभी मेंढको को खा गया आखिर में मेंढक राजा को भी सांप खा गया.

क्या सिख मिली : –

इस कहानी से हमे सिख मिलती है की –

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निष्कर्ष

हमे उम्मीद है आपको ये Hindi Moral Stories बहुत पसंद आई है अगर आप चाहते है यहाँ हम और भी Short Story जोड़े तो कमेंट कर के जरुर बताये. अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे धन्यवाद!

By admin

A professional blogger, Since 2016, I have worked on 100+ different blogs. Now, I am a CEO at Speech Hindi...

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