essay on women safety in india in hindi

essay on women safety in india in hindi

पूरी दुनिया में आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है.

वो घर के कामों के साथ-साथ दफ्तर में भी अपनी भूमिका बहुत बेहतरीन तरीके से निभा रही है. नारी को समाज में अलग दर्जा और सम्मान दिया जाता है ताकि महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करती हुई दिखाई दे. वो परिवार में माँ, बहन, पत्नी और बेटी की भूमिका भी बखूबी निभाती है.

भारत जैसे देश में तो नारी को एक देवी का दर्जा दिया गया है लेकिन महिलाएं अभी भी समाज में अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करती है.

वो रात को बाहर नहीं निकल सकती और यहां तक कि कई जगहों पर तो वो दिन में भी अकेले बाहर निकलने से डरती है. ऐसा इसी कारण हुआ है क्योंकि आये दिन महिलाओं के खिलाफ आपराधिक गतिविधियां बढ़ती जा रही है.

इस लेख में हमने नारी सुरक्षा विषय के ऊपर एक निबंध लिखा है इस विषय पर विद्यार्थियों से अक्सर निबंध लिखने को कहा जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह निबंध तैयार किया है.

नारी सुरक्षा पर निबंध (Essay on Women Safety in India in Hindi Language)

essay on women safety in india in hindi
essay on women safety in india in hindi

महिलाओं की सुरक्षा आज किसी भी देश के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है. महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़खानी, तेज़ाब फेकना, घरेलु हिंसा, मानसिक उत्पीड़न जैसी कई घटनाएं रोजाना सुनने को मिलती है. ऐसे अपराधों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है.

महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं शहरों और गाँवों हर जगह देखने को मिल जाती है. भारत जैसे देश में जहाँ हमारे देश की छवि को एक महिला का रूप देकर भारत माता कहा जाता है.

यहाँ पर भी आये दिन महिलाओं के साथ कई भयानक आपराधिक घटनाएं सामने आती है जिनके बारे सुनने मात्र से ही हमारा दिल दहल उठता है.

ऐसी घटनाएं समाज में बहुत ही नकारात्मक सन्देश पहुँचा रही है जिसके कारण आज माँ बाप अपनी बेटियों को बाहर भेजने में भी भय महसूस करते है.

भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश महिलाओं के साथ होने वाले आपराधिक मामलों में सबसे शीर्ष पर है और वहीं असम ऐसा राज्य है.

जहां महिलाओं के साथ अपराध की सबसे अधिक दर है. ये आंकड़े समय के साथ तेजी से बढ़ रहे है जो बहुत ही गंभीर मुद्दा है. भारत का कोई भी राज्य या प्रदेश ऐसा नहीं है जिसको महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माना जा सके. 

नारी सुरक्षा की महती आवश्यकता

essay on women safety in india in hindi

नारी की सुरक्षा करना हर समाज का कर्तव्य और जिम्मेदारी है और प्राचीन काल से ही हमारे समाज का उद्देश्य रहा है.

हम सभी के परिवार में किसी न किसी रूप में नारी है चाहे वो माँ, बहन, पत्नी या बेटी कोई भी हो. ऐसा कोई भी परिवार नहीं हो सकता जहां महिला नहीं हो.

नारी ने ही तो इस सम्पूर्ण सृष्टि को जन्म दिया है. ऐसे में उसकी पूजा और आभार व्यक्त करने की बजाय कई गन्दी सोच वाले लोग उनके साथ अपराध करते है.

ऐसे लोगों से महिलाओं की सुरक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है चाहे उस महिला से व्यक्ति का कोई रिश्ता नहीं हो.

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दिल्ली में निर्भया के साथ हुए उस घिनोने अपराध के बारे में तो हर किसी ने सुना होगा. ऐसे घिनौने अपराध करने वाले लोग भी हमारे समाज के ही कुछ दरिन्दे है.

ऐसे लोगों के कारण ही हमारा पूरा समाज बदनाम हो रहा है. ऐसी घटनाएं महिलाओं का अपने सपने पूरे करने के लिए घर से बाहर निकलने पर भी भय और आशंका पैदा करती है.

ऐसे में महिलाएं दूसरों पर ही निर्भर रहेगी और आत्म निर्भर नहीं बन पाएगी.

हमारा देश तो 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हो गया था लेकिन महिलाएं आज भी अपने आप को अंदर से आज़ाद महसूस नहीं करती तो हमारे देश की आज़ादी के लिए मर मिटने वाले क्रांतिकारियों का सपना कैसे पूरा होगा.

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जिसका हर नागरिक चाहे वो महिला हो या पुरुष हो, अमीर हो या गरीब हो, किसी भी जाति का हो वो अपने आप को अंदर से आज़ाद महसूस करे. इसलिए महिलाओं की सुरक्षा करना बहुत ही आवश्यक है.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए क़ानून और अधिकार

essay on women safety in india in hindi

पिछले कुछ वर्षों में भारत में महिलाओं के साथ ऐसी कई भयानक घटनाएं हुई जिनकी वजह से समाज में भय पैदा हो गया.

महिलाओं के खिलाफ ऐसे नीच अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके ही ऐसे लोगों के अंदर भय पैदा किया जा सकता है.

भारत सरकार ने महिलाओं के हित में कई कानून बनाए जिससे अपराधी को कड़ी सजा दी जा सके ताकि आगे ऐसा अपराध करने की कोशिश भी न करे.

महिला सुरक्षा के लिए कई कानून मौजूद है और समय के साथ इनमे संशोधन भी किये जाते है. 

भारत सरकार ने महिलाओं के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990, मुस्लिम स्त्री ( विवाह विच्छेद पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम 1986, विवाहित महिला सम्पति अधिनियम 1874, बाल विवाह अधिनियम 1929, हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856, हिन्दू विवाह अधिनियम, प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम 1961, सेक्सुअल हर्रास्मेंट ऑफ़ वुमन एट वर्किंग प्लेस एक्ट 2013, दहेज निषेध अधिनियम 1961, कन्या भ्रुण हत्या निवारण अधिनियम 1870 जैसे कई कानून बनाये गए है.

नारी सुरक्षा के उपाय  

essay on women safety in india in hindi

महिलाएं अपने साथ हुए अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने और अपराधी को सजा दिलाने के लिए विभिन्न कानूनों का उपयोग कर सकती है लेकिन ऐसी घटनाएं होने की आशंका होने पर महिलाएं कुछ ऐसे कदम उठा सकती है.

जिससे उस घटना को टाला जा सके. महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए जुडो और कराटे जैसी आत्मरक्षक गतिविधियाँ सीखनी चाहिए.

आजकल हर महिला के पास मोबाइल फ़ोन उपलब्ध है कॉलेज, स्कूल, ऑफिस या अन्य जगह जाने से पहले अपने परिवार के किसी भी सदस्य को सूचित करना अपना कर्तव्य समझे.

किसी भी बस या टैक्सी में रात के समय अकेले सफर न करे. किसी भी घटना के होने की आशंका होने पर तुरंत व्हाट्सएप से अपने परिवार के सदस्य को अपनी लोकेशन भेजे.

कहीं पर सफर करते वक्त अपने पर्स में आत्मरक्षा के लिए नुकीली चीज़ और मिर्ची पाउडर रखे ताकि वक्त आने पर उसका इस्तेमाल कर सके. कोई भी व्यक्ति अगर किसी महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करे तो उसके गुप्तांग पर वार करे.

सरकार के द्वारा अलग-अलग स्थानों पर महिला सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किये हुए है हर महिला को अपने इलाके के हेल्पलाइन नंबर को अपने मोबाइल में सेव रखना चाहिए.

कोई भी महिला अपने आप को कमजोर न समझे और अपने ऊपर पूरा आत्मविश्वास रखे ताकि अपराधी को आपके ऊपर हावी होने पर डर महसूस हो.

बहुत सी महिलाएं अपराध होने के बाद भी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने से डरती है जिससे अपराधी अपने आप को और बलवान महसूस करने लगता है.

अपराधी को सजा दिलाना बहुत जरूरी है नहीं तो वो आगे और भी बड़े अपराध कर सकता है इसलिए अपने अधिकारों और कानूनों के बारे में पढ़े और अपने आस पास की महिलाओं को भी जानकारी दे.

निष्कर्ष

essay on women safety in india in hindi

हमारे देश में महिला सशक्तिकरण, सम्मानता और सुरक्षा पर बड़ी-बड़ी बाते की जाती है लेकिन इसके लिए जमीनी स्तर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है.

सरकार चाहे कितने भी कानून बना ले लेकिन  जब तक हर व्यक्ति के दिल में महिला के लिए सम्मान नहीं होगा तब तक महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को जड़ से समाप्त करना मुश्किल है.

अपने घर में भी हर महिला को सम्मान दे चाहे वो हमारी माँ, बहन , पत्नी या बेटी कोई भी हो. हर महिला को यह अन्दर से महसूस कराना होगा ताकि वो अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके. 

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