महिला सशक्तिकरण पर निबंध

किसी भी समाज के विकास में महिला और पुरुष दोनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है लेकिन भारत जैसे देश में प्राचीन समय से ही महिलाओं पर पुरुष वर्ग का दबदबा रहा है और उन्हें हमेशा पुरुषों की तुलना में कम महत्त्व दिया जाता रहा है. समाज में महिलाओं की छवि शादी करना, घर संभालना और बच्चे पैदा करना यही तक सिमित रह गयी थी लेकिन समय के साथ महिलाओं ने समाज की इन पुराणी परम्पराओं को तोड़कर आगे आने का प्रयास किया है और हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का प्रयत्न कर रही है.

भारत जैसे विकासशील देश अभी भी लैंगिक असमानता से झुज रहे है महिलाओं को लेकर आज भी लोगो की सोच का उस स्तर पर विकास नहीं हुआ है. महिलाओं को हर क्षेत्र में बढ़ावा देने से ही देश का आर्थिक और सामाजिक विकास संभव होगा. इस लेख में महिला सशक्तिकरण पर निबंध लिखा गया है जो हर कक्षा के विद्यार्थियों के लिए महत्वूर्ण है.

महिला सशक्तिकरण पर निबंध (Essay on Women Empowerment in Hindi)

Essay on Women Empowerment in Hindi

महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को अपने निर्णय खुद लेने के लिए मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से सशक्त होने से है. महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नारी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देने की जरुरत होती है.  इन सभी हथियारों से ही महिला अपने आप को पुरुष की बराबरी तक पहुंचा सकती है. 

महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना होगा जिससे वो खुद पर निर्भर हो सके और किसी भी पुरुष के सहारे जीवन गुज़ारने की आवश्यकता नहीं पड़े. आज महिलाएँ विश्व भर में महिलाएँ हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है व्यापार, राजनीती, अभिनय, शिक्षा हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ रहा है.

भारत में इंदिरा गाँधी, प्रतिभा पाटिल, सरोजनी नायडू, मदर टेरेसा जैसी कई महिलाएँ है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रो में नेतृत्व कर यह साबित कर दिया कि महिलाएँ पुरुष से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है वो हर क्षेत्र में बेहतर योगदान दे सकती है. वो घर के काम भी कर सकती है परिवार भी संभालती है और बाहर नौकरी भी करती है.

बहुत से ऐसे देश जहाँ महिलाएँ बहुत आगे बढ़ चुकी है उनको समाज में पुरुषों के बराबर दर्जा दिया जा रहा है लेकिन कई विकासशील देश जैसे भारत में अभी भी महिलाओं के साथ भेदभाव किये जाते है और उनको समाज में भी अलग नज़ररिये से देखा जाता है. इसलिए हमारे देश में महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने के लिए अभी भी बहुत से प्रयासों की जरुरत है.  

महिला सशक्तिकरण की जरुरत क्यों?

आज महिलाएँ जिस स्तर पर पहुंचने में सफल हुई है वहाँ पहुँचने के लिए उनको समाज में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. लोगों ने कभी भी महिलाओं को घर और परिवार के अलावा नौकरी करने की अनुमति नहीं दी जिसके कारण महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता है. 

भारत उन देशों में से है जहाँ महिलाएँ अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करती है आए दिन यहाँ महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़खानी, घरेलू हिंसा, मारपीट, भ्रूण हत्या, बालविवाह जैसी घटनाएँ होती रहती है. कुछ ऐसे लोग भी है जो लड़कियों की शिक्षा और काम करने का विरोध करते है जिसके कारण महिलाओं की आर्थिक, शारीरिक और मानसिक स्थिति में विकास नहीं हो पाता.

नौकरी पेशे में भी लड़कियों के साथ भेदभाव किया जाता है पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम वेतन और सुविधाएँ दी जाती है. महिलाओं के साथ होने वाली इन सभी समस्याओं को कम करने के लिए महिला सशक्तिकरण बहुत ही आवश्यक है.

महिला सशक्तिकरण के लाभ

हमारा देश एक पुरुष प्रधान देश है यहाँ पुरुषों को हर क्षेत्र में महिलाओं से ज्यादा महत्त्व दिया जाता है. देश के विकास को गति प्रदान करने के लिए पुरुषों और महिलाओं दोनों का अर्थव्यवस्था में योगदान देना बहुत जरुरी है. बहुत से विकसित देशों की बात करे तो वहाँ पुरुष और महिला दोनों हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे है इसलिए उन देशों का इतनी तेजी से विकास संभव हो पाया है.

आये दिन हमारे सामने घरेलू हिंसा जैसी घटनाये सामने आती है घरेलू हिंसा से सिर्फ अनपढ़ महिलाएं ही पीड़ित नहीं है बल्कि बहुत सारी शिक्षित महिलाएं भी इसका शिकार होती है. अनपढ़ महिलाएं इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाती लेकिन पढ़ी लिखी महिला इसके खिलाफ आवाज उठाती है जिससे भविष्य में उसके साथ घरेलू हिंसा जैसी घटना होने की सम्भावना कम हो जाती है.

लड़कियों के बारे में लोगों की यही सोच होती है कि उसे शादी करनी है और अपने पति की कमाई पर पूरी उम्र निकालनी है. ऐसी विचारधारा के कारण खुद अपने जीवन में कुछ करने के लिए सपने नहीं देख पाती। महिलाओं को अच्छी शिक्षा और रोजगार मिलने से वो खुद अपने लिए कमाने में सक्षम होगी और उसको किसी के ऊपर निर्भर रहने की जरुरत नहीं होगी.

अगर महिला के पास नौकरी या व्यवसाय होगा तो वो अपने परिवार के साथ साथ देश की अर्थव्यवस्था सुधारने में योगदान देगी. बहुत सी ऐसी महिलाएं है जो शिक्षित नहीं होने के कारण अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान नहीं पाती और उनके शरीर में बहुत सारी बीमारियां अपना घर बना लेती है.

महिलाओं को आपातकालीन हेल्पलाइन सुरक्षा उपलब्ध करवाने से उनके साथ होने वाले अपराधों से उनको समय रहते सुरक्षित बचाया जा सकता है. जिससे बलात्कार और छेड़खानी जैसी घटनाये कम होगी और महिलाये घर से बाहर निकलने पर अपने आप को सुरक्षित महसूस कर पायेगी. 

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निष्कर्ष –  महिला सशक्तिकरण एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि महिला के बिना इस समाज की कल्पना करना असंभव है. हमारे परिवार में माँ, बहन, बेटी और पत्नी हर रूप में महिला है जो खुद चाहे कितनी भी परेशानी में क्यों न हो लेकिन अपने परिवार के लिए अपना कर्तव्य निभाने में आगे रहती है. 

समाज में महिला को इतना सशक्त बनाने की आवश्यकता है कि वो अपनी आर्थिक, शारीरक, मानसिक और सामाजिक हर प्रकार की समस्या का सामना करके उनसे आगे निकल पाए और किसी भी तरीके से उसको पुरुष के एहसान तले दबे नहीं रहना पड़े. 

सरकार को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उपयोगी कदम उठाने चाहिए साथी ही देश के हर नागरिक को महिलाओं को सम्मान देना चाहिए और उनको अंदर से सशक्त महसूस करवाना है ताकि हमारा समाज हर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो सके.

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