सब्जी मंडी पर निबंध | Essay on Vegetable Market in Hindi

शहरों और कस्बों में लोग हरी सब्जी और फल खरीदने के लिए अक्सर मंडी में जाते है जहाँ ताज़ा हरी सब्जियाँ किसान अपने खेतों से सीधा मंडी में लाते है. जैसे अनाज के लिए लिए अनाज मंडी होती है उसी प्रकार सब्जी के लिए भी सब्जी मंडी होती है. सब्जी मंडी में अक्सर सुबह और शाम के समय के लोगों की अधिक भीड़ और चहल पहल दिखाई देती है. इसी समय लोग अपने लिए सब्जी और फल खरीदने के लिए निकलते है.

सब्जी मंडी में कई सारी सब्जी की दुकानें होती है और इन दुकानों के मालिक अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की सब्जियों की अपनी दुकानों के आगे सजावट करते है. दुकानदार एक दूसरे से होड़ लगाते हुए भी दिखाई देते है जो काम के प्रति उनकी लगन को दर्शाता है. इस लेख में सब्जी मंडी पर निबंध लिखा गया है जो सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है.  

Essay on Vegetable Market in Hindi

सब्जी मंडी पर निबंध (Essay on Vegetable Market in Hindi) 

सब्जियाँ जिनका हम प्रायः हर समय भोजन में प्रयोग करते है इनको किसान ताज़ा अपने खेत से हमारे तक पहुंचाता है. हरी सब्जियाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक होती है क्योंकि ये सभी जरुरी पोषक तत्वों की मात्रा से भरपूर होती है. हरी सब्जी का सेवन करने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है.

जब भी हम सब्जी खरीदने के लिए सब्जी मंडी जाते है तो अधिकतर आलू, गोभी, बेंगन, टमाटर, मिर्च, पालक, लौकी जैसी सब्जियाँ हर दूकान पर देखने को मिल जाती है और ये सब्जियाँ हर सीजन में पायी जाती है. सब्जी मंडी से लोग अपनी पसंदीदा सब्जियाँ खरीद सकते है वहां पर अलग-अलग प्रकार की सब्जियाँ उपलब्ध होती है.

सब्जी मंडी छोटी भी हो सकती है और बहुत बड़ी भी हो सकती है यह सब उस शहर या कस्बे की जनसँख्या, सब्जियाँ की आवक, ट्रांसपोर्ट की सुविधा जैसे बहुत सारे कारकों पर निर्भर कर सकती है. बड़े शहरों में बड़ी सब्जी मंडी होती है जहाँ पर थोक में खेतों से सब्जियाँ आती है.

सब्जी मंडी का सुबह का नज़ारा  

सब्जी मंडी का सुबह का दृश्य देखने लायक होता है ये वो समय होता है जब आप खेत से आई हुई एकदम ताज़ा सब्जी खरीद सकते है. किसान टेम्पो, ट्रक और अन्य साधनों की मदद से मंडी में सब्जी लेकर आते है. खरीददार किसान से सब्जी खरीदता है और ग्राहकों को बेचता है. 

बहुत सारे छोटे विक्रेता रोज़ाना सुबह मंडी में सब्जी और फल खरीदने आते है जो अपने ठेले की सहायता से गली-मौहल्ले जाकर लोगों को सब्जी और फल बेचते है. ये उन लोगों के लिए सुविधा प्रदान करने का काम करते है जो ज्यादा व्यस्त रहते है या फिर किसी और कारणवश सब्जी खरीदने के लिए मंडी में जाने के लिए सक्षम नहीं होते है.    

सब्जी मंडी का शाम का नज़ारा 

सब्जी मंडी में सुबह के मुकाबले शाम के समय अधिक चहल पहल रहती है. अपने दिन भर के कामों से मुफ्त होकर महिलायें और पुरुष सब्जी खरीदने आते है. सब्जी और फल विक्रेता अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपने अलग-अलग कौशल प्रदर्शित करते हुए दिखाई देते है. शाम के समय तो सब्जी मंडी में इतनी भीड़ होती है कि लोगों का चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है.

अक्सर सब्जी मंडी में लोग आपस में झगड़ते हुए भी देखे जाते है कभी कोई विक्रेता ग्राहक को ख़राब सब्जी दे देता है तो कभी कोई ग्राहक विक्रेता को कम पैसे दे देता है इस प्रकार की छोटी-मोटी नोकझोंक चलती रहती है. सब्जी विक्रेताओं को आवारा पशु भी परेशान करते हुए दिखाई देते है कभी-कभी पशु मंडी के अंदर घूस जाते है और बहुत कुछ तहस नहस कर देते है.

सब्जी मंडी का महत्त्व   

मंडी एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है जहाँ किसान आसानी से अपनी सब्जियों को अच्छी कीमत पर बेच सकते है उनको घर-घर जाकर अपनी सब्जी बेचने की आवश्यकता नहीं होती। जो लोग खरीददारी करना चाहते है उनको एक ही स्थान पर सब्जियों और फलों की अनेक विविधता मिल जाती है और वो अपनी पसंदीदा सब्जी खरीद सकता है.

ताजा हरी सब्जी शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और डॉक्टर लोगों को खाने में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी का प्रयोग करने की सलाह देते है. हरी सब्जी में पाए जाने वाले विटामिन, फाइबर, आयरन और अन्य पोषण तत्व शरीर को स्वस्थ रखते है और बीमारियों से भी दूर रखते है. ये ताज़ा हरी सब्जियाँ सब्जी मंडी में ही मिलती है.

ऐसे लोग जिनके यहां कोई भोजन समारोह होता है वो सब्जी मंडी से ही सब्जी खरीदते है किसी ठेले पर अधिक मात्रा में सब्जी उपलब्ध नहीं होती है. शादियों के सीजन में मंडी में सब्जियों की सबसे अधिक बिक्री होती है. इसी लिए हमारे आस पास सब्जी मंडी का होना बहुत महत्त्व रखता है. 

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निष्कर्ष – सब्जी मंडी के होने से ही शहर में रहने वाले लोग खेतों से आने वाली ताजा सब्जी और फलों को खरीद रहे है. इन फलों और सब्जियों को मंडी तक पहुंचाने से पहले किसान खेत में कठिन परिश्रम करता है. बुआई करता है, देख रेख करता है और उसके बाद सब्जियों और फलों को खुद तोड़कर सब्जी मंडी तक पहुंचाता है. देश के हर जिले में एक बड़ी सब्जी मंडी होती है जहाँ भारी मात्रा में सब्जियों की आवक और बिक्री होती है.

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