वृक्षारोपण पर निबंध

प्रकृति पर मौजूद पेड़, पौधे, जीव, जन्तु सभी आपस में एक दूसरे पर निर्भर होते है. वृक्ष प्रकृति और जीवों दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है वो हमें शुद्ध हवा, लकड़ी, भोजन और छाया देते है. पेड़ निस्वार्थ रूप से जीवन भर मनुष्य को शुद्ध हवा देते है जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. पेड़ो की हरियाली हमारी आँखों और मस्तिष्क को शांत और एकाग्रित रखती है. 

इसलिए हर प्रकार से पेड़ो का बहुत महत्त्व है लेकिन आज के समय में मनुष्य वृक्षों के महत्त्व को नज़रअंदाज़ करते हुए उनको नुकसान पहुंचा रहा है. वनों की संख्या भी तेजी से घटती जा रही है जो आगे चलकर पृथ्वी के समस्त जीवों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकता है. 

इस लेख में वृक्षारोपण पर निबंध लिखा गया है जो सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की परीक्षा की दृष्टिकोण से बहुत ही उपयोगी है.

वृक्षारोपण पर निबंध (Essay on Tree Plantation in Hindi)  

Essay on Tree Plantation in Hindi

कई वर्षों से ही पेड़ो को बचाने और वृक्षारोपण के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है. ऑक्सीजन के बिना कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता और यह ऑक्सीजन हमें पेड़ों से ही मिलती है. मनुष्य कारखाने, भवन, लकड़ी, खेती, सड़क जैसी आवश्यकताओं के लिए अंधाधुन पेड़ो की कटाई कर रहा है जिसके कारण हम भविष्य में अपने लिए ही खतरा पैदा कर रहे है.

आवश्यकता को पूरा करने के लिए पेड़ काटना भी जरुरी है लेकिन वृक्षारोपण पर भी घ्यान देना जरुरी है. केवल पेड़ो को काटने से एक समय ऐसा आएगा जब पृथ्वी पर बहुत कम पेड़ बचेंगे इसलिए हर व्यक्ति हो पेड़ लगाने  चाहिए. सब मिलकर वृक्षारोपण पर ध्यान देंगे तो ग्लोबल वार्मिंग, हरित गृह प्रभाव जैसी कई बड़ी आपदाओं को कम किया जा सकता है. 

वृक्षारोपण का महत्व

वृक्षारोपण का अर्थ होता है अपने आस पेड़-पौधे लगाना और उनकी देख रेख करना. वृक्ष धरती पर होने वाली बहुत सी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है. पेड़ो के कारण ही बारिश होती है और ठंडी हवा चलती है. आज के समय में जितने भी प्रकार की सामग्री बनाई जाती है वो सभी किसी न किसी प्रकार से पेड़ों से ही प्राप्त होती है. चाहे वो फल, वनस्पति, ईंधन, गोंद, रबड़ इत्यादि पेड़ो से ही प्राप्त होते है.

वृक्ष अपने प्राण खो देने के बाद भी हमारे लिए उपयोगी रहते है. सुख जाने के बाद उनकी लकड़ी ईंधन या फर्नीचर बनाने के काम आती है वही पेड़ के सूखे पते जमीन में दबकर सड़ गल जाते है और खाद के रूप में  प्रयोग किया जाता है. इस प्रकार से वो देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देते है.

पेड़ो से निर्मित विभिन्न वस्तुएँ आज हर जगह मौजूद है और हमेशा इनकी मांग रहती है. इन मांगों को पूरा करने के लिए पेड़ों का मौजूद होना बहुत आवश्यक है ऐसे में पेड़ो की कटाई के साथ-साथ नए पेड़ लगाना भी बहुत जरुरी है. इसके लिए हम अपने जरुरत के अनुसार भी वृक्ष लगा सकते है.

जिस क्षेत्र में वनों और पेड़ों की संख्या अधिक होती है वहाँ बाढ़ आने का खतरा भी बहुत कम रहता है. आदि काल में पेड़ मनुष्यों का निवास स्थान था और अभी भी बहुत सारे पक्षी पेड़ों पर घोसला बनाते है. हम भी कभी तेज गर्मी से तप कर थक जाते है तो पेड़ की शीतल छाया में ही बैठना पसंद करते है.

प्राचीन समय से ही हर धर्म में पेड़ो की पूजा करने की सभ्यता रही है. महिलाएं पीपल, तुलसी, केला और बरगद जैसे पेड़ो की पूजा करती है. ऋषि मुनि भी पेड़ के नीचे बैठ कर तपस्या करते थे और गौतम बुद्ध को भी पेड़ के नीचे ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. 

हर प्रकार से हमारे आस पास हरियाली बहुत ही महत्वपूर्ण है और हरियाली पेड़ो से ही आती है इसलिए वृक्षारोपण बहुत ही आवश्यक है. अगर कोई अपनी जरूरत के लिए एक पेड़  काटता है तो उसको कम से कम सौ पेड़ जरूर लगाने चाहिए. अगर हर इंसान ऐसा करेगा तो पेड़ों को कभी कोई खतरा नहीं होगा.

वृक्षारोपण के लिए विभिन्न प्रयास  

लोगों के अंदर वृक्षारोपण की भावना और वृक्षों से प्रेम को जीवित रखने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने की जरूरत भी होती है और सरकार के द्वारा वनों के संरक्षण के लिए विभिन्न कानून भी बनाये गए है. ब्रिटिश कार्यकाल के दौरान 1865 में भारतीय वन अधिनियम लागू किया गया जिसके अंतर्गत सरकार ने जंगलों के संरक्षण के लिए कानून बनाये.

स्कूलों में विशेष दिवस पर बच्चों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया जाता है और पौधे लगाए जाते है. जिससे कि विद्यार्थी वृक्षों का मनुष्य के जीवन में महत्व को समझें और विद्यालय परिसर को हरा भरा भी रखे.

वनों के संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन 1973 में उत्तराखंड से शुरू हुआ और अन्य राज्यों तक फैला. वृक्षों की कटाई को रोकना इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था और महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया.

स्कूलों के अलावा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भी वृक्षारोपण के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया जाता है और सभी पेड़ लगाते है. बारिश के मौसम में आसानी से वृक्षारोपण किया जा सकता है इस मौसम में पौधों को ज्यादा देखरेख की जरूरत भी नहीं होती है. बारिश के मौसम में सभी को अपनी क्षमता के अनुसार पेड़ लगाने की जरुरत है.

इन्हें भी पढ़े

निष्कर्ष

वृक्ष मनुष्य, जानवर और पक्षी सभी के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. लेकिन हम उनकी भूमिका को नजरअंदाज कर वनों को नुकसान पहुंचा रहे है. सभी को एक साथ मिल झूलकर पेड़ो को बचाने और वृक्षारोपण की ओर कदम उठाने चाहिए. अगर सब मिलकर पेड़ लगाएंगे तो ग्लोबल वार्मिंग, हरित गृह प्रभाव और मौसम संबंधी घटनाओं को कम किया जा सकता है.