मेट्रो रेल पर निबंध | Essay on Metro Train in Hindi

मित्रो आज हम आपके लिए मेट्रो रेल पर निबंध (Essay on Metro Train in Hindi) लेकर आये है वो भी सरल भाषा में. यहाँ पर लिखे निबंध को आप अपने स्कूल में निबंध लिखने की तयारी करने के लिए भी पढ़ सकते हो. यहाँ पर मेट्रो रेल के बारे में सभी जानकारी विस्तार से दी गई है. चलिए शरु करते है.

Essay on Metro Train in Hindi

मेट्रो रेल पर निबंध (Metro Train Essay in Hindi)

प्रस्तावना : इंसानों ने समय के साथ बहुत विकास किया है इसलिए नई तकनीकों के विकसित होने से मानव जीवन और भी सरल बन गया है।

विकास मार्ग में रेल एक मिल का पत्थर साबित हुआ है जिस पर मानव का पूरा ताना बाना टिका हुआ है। मेट्रो जैसी रेल ये इंसानों द्वारा विकसित रेल के उत्तम स्वरूप है।

प्राचीन समय में लंबी दूरी तय करने के लिए ज्यादा साधन सुविधाएं नहीं होते थे। इसलिए एक जगह से दूसरी जगह तक आने जाने के लिए बैलगाड़ी का घोड़ा-गाड़ी का उपयोग किया जाता था।

कुछ लोग तो पैदल ही मीलों की दुरी तय कर एक जगह से दूसरी जगह जाते थे, जिसमें हफ्तों और कभी-कभी तो महीनों का समय लग जाता था।

मेट्रो रेल क्या होता है? (What is Metro Train in Hindi)

मेट्रो यह रेलवे का एक विकसित प्रकार है जिसे मुख्यतः इंटरसिटी के बीच आवागमन के लिए उपयोग किया जाता है। यह लंबी दूरी के लिए चलने के बजाय कम दूरी के यातायात के लिए चलाई जाती है। यह यातायात का एक अत्याधुनिक साधन है। मेट्रो ट्रेन की रफ्तार और समय की सटीकता इसे बाकी ट्रेनों से अलग बनाती है। आज दुनिया के कई विकसित देशों में मेट्रो ट्रेन चलना एक आम बात है।

भारत देश भी विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत के दिल्ली राज्य में यातायात के लिए मेट्रो ट्रेन एक आकर्षण का केंद्र है। मेट्रो ट्रेन को भारत में दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है।

आज मेट्रो रेल से एक बड़ा जनसमूह लाभ प्राप्त कर रहा है। इससे समय श्रम तथा धन का व्यय बहुत ही कम हो रहा है।

मेट्रो रेल के लाभ (Advantage of Metro Train in Hindi)

दिल्ली भारत की राजधानी होने कारण सबसे व्यस्ततम प्रदेशों में से एक है इसलिए राजधानी को आधुनिक बनाने के लिए मेट्रो का निर्माण किया गया, मेट्रो रेल के अनेक लाभ है। जहां सामान्य रेलगाड़ी का उपयोग महंगा और अधिक समय लेने वाला है वही मेट्रो सस्ता व तीव्र है।

मेट्रो ट्रेन से परिवहन बेहद सस्ता हो गया है तथा अंतर शहरी आवागमन की सुविधा बढ़ गयी है। मेट्रो यह पूरे वर्ष सुबह 5:00 बजे से रात 11:30 बजे तक चलने वाली सेवा है जिसमें पूरे साल लगभग 100 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। मेट्रो में खाने-पीने, धूम्रपान, च्यूंगम खाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। 2010 से मेट्रो का प्रथम कोच महिलाओं के लिए आरक्षित करके रखा जाता है।

मेट्रो रेल के दरवाजे स्वचालित होते हैं तथा मेट्रो रेल के अंदर सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपातकालीन सिस्टम तथा अग्निशामक सिस्टम भी लगाया गया है। मेट्रो ट्रेन के डिब्बे वातानुकूलित होते हैं इसके माध्यम से यात्रियों को बिना धूल मिट्टी के नजदीक आये अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने की सुविधा मिलती है।

मेट्रो सेवा चालू होने से लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है तथा जरूरी जगहों जैसे कि दफ्तर या नौकरियों पर समय पर पहुंचने के लिए एक तोहफा मिला है। मेट्रो रेल को और आधुनिक करने की योजना केंद्र तथा दिल्ली सरकार कर रही है। मेट्रो में महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा का प्रावधान किया गया है जिसमें सीसीटीवी कैमरा तथा सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था भी की गई है।

मेट्रो रेल यह अन्य परिवहन माध्यमों से सस्ता है जहां टैक्सी या बसों की सवारी में अधिक समय व अधिक पैसा लगता है वही मेट्रो में बेहद कम कीमत पर और कम समय में यात्रा करने की सुविधा मिलती है।

मेट्रो व्यवस्था पूरी तरह से आधुनिक होने के कारण यात्रियों को समय सारणी व मेट्रो की पूरी जानकारी ऑनलाइन मिल जाती है तथा टिकट लेने के लिए भी पारदर्शी सिस्टम का निर्माण किया गया है ताकि यात्रियों को बिचौलियों का सामना ना करना पड़े।

मेट्रो ट्रेन के उपयोग से प्रदूषण नहीं फैलता क्योंकि यह पूर्णतः इलेक्ट्रिक से चलने वाली सेवा है। जहां सामान्य ट्रेनों में टिकट लेने की आवश्यकता होती है तथा कंडक्टर व आवश्यक गार्डों की आवश्यकता पड़ती है वही मेट्रो में इतने झंझट नहीं रहते वहां टोकन से टिकट लेना व यात्रा करना होता है।

21वीं सदी को इंसानों के लिए विकास की सदी कहीं गई है। लेकिन विकास में प्राकृतिक संतुलन में बाधा डालना यह इंसानियत को खतरे में डालने जैसा होगा क्योंकि मेट्रो को लागू करने के लिए वृक्षों का एक बहुत बड़ा समूह काटना पड़ा था। विकास अच्छी बात है लेकिन पर्यावरण से समझौता नहीं किया जाना चाहिए आज मेट्रो रेल तथा बुलेट ट्रेन की बात हो रही है लेकिन विकास के कारण वृक्षों का विनाश नहीं होना चाहिए।

मेट्रो रेल की यात्रा का दृश्य (Metro Rail Journey Scene)

देश में एक मुख्य खबर के रूप में सामने आई थी। मेट्रो को लेकर सभी भारतवासीयों  ने बहुत गर्व का अनुभव किया था।

जिस दिन मेट्रो रेल को हरी झंडी दिखाई गई थी उस दिन यात्रा के लिए मुफ्त किया गया था। पहली बार मेट्रो में सफर करने के लिए लोगों का जनसमूह उमड़ पड़ा था।

मेट्रो में स्वचलित दरवाजे होते हैं जिनसे लोग अन्दर जाते हैं और बैठने के लिए सीट तथा खड़े रहने के लिए स्टैंड बने होते हैं।

यह सिटी में तमाम नगरों के बिच होते हुए बहुत ही सरल गति से चलती है जिसमे एसी लगा होता है। जहाँ पर रोड के माध्यम से घंटों का समय लगता था वहीँ मेट्रो से यह घटकर कुछ मिनटों का रह जाता है।

सभी लोग मेट्रो ट्रेन में सफर करने का आनंद ले सके इसके लिए सरकार ने टिकटों की कीमत बहुत कम कर दिया है। आज के समय में हर कोई कम कीमत पर मेट्रो रेल से सफर कर सकता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं की गयी है। मेट्रो स्टेशन पर साफ सफाई का बहुत अधिक ध्यान रखा जाता है।

इसमें एलिवेटर का उपयोग, लिफ्ट का प्रयोग और विकलांग लोगों के लिए पहिए वाली गाड़ी का प्रयोग किया गया हैं । इस रेल से सफ़र करने वाले लोगों को टोकन और स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की गयी हैं ।

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निष्कर्ष

मेट्रो रेल की वजह से सड़क में यातायात के साधनो की कमी आयी है । मेट्रो रेल की वजह से लोगो को अब अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है । मेट्रो रेल से सफर करने के लिए लोगो को एक आरामदायक और स्वचालित साधन प्राप्त हुआ है । राजधानी दिल्ली के लिए यह विज्ञान द्वारा दिया गया बहुत बड़ा वरदान है । लोगो की ज़िन्दगी और रोज़ाना सफर में तेज़ी मेट्रो रेल लेकर आया है । अन्य परिवहन साधनो के मुकाबले , मेट्रो रेल से यात्रा करना सस्ता पड़ता है ।

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