भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ पर निबंध

हमारे देश भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है कमल बहुत ही सुन्दर और सुगन्धित पुष्प होता है. कमल के फूल के अन्दर ज्ञान की देवी लक्ष्मी और सृष्टि के रचयता ब्रम्हा जी का निवास स्थान है. कमल अधिकतर कीचड़ और तालाब में पानी के ऊपर खिलता हुआ दिखाई देता है इसका रंग सफ़ेद या गुलाबी होता है. कमल को बहुत ही पवित्र माना जाता है और पूजा आराधना में इसका उपयोग किया जाता है. 

कमल का फूल देखकर बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी प्रफुलित हो उठते है इसकी सुंदरता हर किसी को मोहित कर देती है. तालाब या अपने आस पास कमल का पुष्प देखता है तो हर कोई उसको पाना चाहता है. सफ़ेद रंग का कमल का फूल शांति का प्रतिक माना जाता है. इस लेख में भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ पर निबंध लिखा गया है जो सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी है.

भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ पर निबंध  

भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ पर निबंध | Essay on Lotus Flower in Hindi

कमल के फूल का वैज्ञानिक नाम नेलुम्बो नुसिफेरा है प्राचीन भारतीय संस्कृति में इसको अद्वितीय स्थान दिया गया है. कमल के तने को प्रकन्द कहा जाता है यह मोटा और खोखला होता है जिसके अंदर हवा भरी होती है. इसकी गोलाकार हरी पत्तियां पानी की सतह पर तैरती है. कमल का फूल ज्ञान, धन, सुंदरता, आध्यात्मिकता और पवित्रता का प्रतिक है हिन्दू और बौद्ध धर्म में कमल के फूल का बहुत महत्त्व है 

इसकी पत्तियों की व्यास लगभग 50 सेंटीमीटर तक होती है. कमल का फूल सुबह खिलता है और दोपहर तक इसकी पंखुड़िया गिरने लगती है. कमल का फूल हमारे देश के इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है. इस फूल की लम्बाई 1.5 सेंटीमीटर तक होती है और लगभग 3 मीटर चौड़ाई में फैला होता है. कमल के इस फूल में लगभग 30 पंखुड़ियाँ होती है.

भारत के राष्ट्रीय फूल के रूप में कमल’  

कमल के फूल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय फूल के रूप में अपनाया गया. 1857 की क्रांति के दौरान कमल के फूल और रोटी को प्रतीक चिन्ह के रूप में रखा गया इसलिए 26 जनवरी 1950 को कमल को भारत का राष्ट्रीय फूल घोषित किया गया. कमल का फूल हमारे देश की शांति और सुंदरता का प्रतीक है.

धार्मिक विशेषता के आलावा यह भोजन और उपचार में भी बहुत ही उपयोगी है यह शरीर की बहुत सी खतरनाक बिमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है. बड़े क्षेत्रफल में कमल की खेती की जाती है ताकि हर क्षेत्र में इसकी जरुरत को पूरा किया जा सके. इतनी सारी विशेषता होने के कारण ही कमल के फूल को हमारे राष्ट्रीय प्रतीकात्मक चिन्ह के रूप में अपनाया गया. 

कमल के फूल का महत्त्व 

कमल का हर प्रकार से महत्वपूर्ण उपयोग है कीचड़ में उगने के बाद भी यह इतना पवित्र माना जाता है की हिन्दू धर्म में पूजा पाठ और आरती के दौरान इस फूल का विशेष तौर पर उपयोग किया जाता है. कमल के बीज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर खाने से कफ की समस्या ख़त्म हो जाती है और कमल का बीज हृदय और किडनी की बीमारी को ठीक करने के लिए कारगार औषधि है.

कमल के फूल के अंदर कैल्सियम और आयरन की प्रचुर मात्रा होती है जिसके सेवन से हड्डियों की कई बीमारियों का इलाज किया जाता है. कमल के फूल की चाय बनाकर पी सकते है जिससे गर्मियों में ब्लड क्लॉटिंग जैसी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. कमल के पत्तों पर भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है.

कमल से प्राप्त होने वाले राइज़ोम में विटामिन बी1, बी2, बी6, सी और फाइबर जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण कटा हुआ, तला हुआ या उबला हुआ राइज़ोम खाने में प्रयोग किया जाता है. कमल के पौधे की जड़ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के स्वस्थ विकास और प्रजनन अंगो के लिए बहुत उपयोगी औषधि है. इसकी पत्तियों से रस निकालकर डायरिया के मरीजों के उपचार में प्रयोग किया जाता है.

कमल के बीज की एक खास विशेषता होती है यह बीज हजारों सालों तक बीना पानी के रह सकता है और 200 साल बाद भी यह नए पौधे को जन्म दे सकता है. बौद्ध धर्म में भी कमल को विशेष स्थान प्राप्त है ललित विस्तार ग्रन्थ में कमल को अष्टमंगल बताया गया है. पत्तियों से जुड़े डंठल में रेशे मौजूद होते है जिनका उपयोग दीपक जलाने के लिए बत्तियां बनाने में किया जाता है.

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु की नाभि से कमल का फूल उत्पन्न हुआ जिसके ऊपर श्रष्टि के रचियता ब्रह्मा जी विराजमान हुए थे. सरस्वती, लक्ष्मी, ब्रह्मा जैसे कई हिन्दू देवी देवताओं के हाथ में कमल के साथ उनका चित्रण किया गया है.

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निष्कर्ष

कमल का फूल धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण है इसलिए लोग इस फूल की खेती करना भी पसंद करते है. कमल अपने गुणों के कारण हमारे देश की छवि को भी मजबूती प्रदान करता है. कमल का फुल भारत के अलावा वियतनाम और मिस्र का भी राष्ट्रीय फूल है. 

इसकी सुंदरता और सुगन्ध किसी भी व्यक्ति को इसकी और आकर्षित कर सकती है.  कमल के फूल का कीचड़ में रहकर खिलना यह सन्देश देता है कि बुराइयों के बीच रहकर भी व्यक्ति अपनी मौलिकता और श्रेष्ठता को बचाये रख सकता है. बुराई कभी भी अच्छाई के ऊपर हावी नहीं हो सकती फिर चाहे बुराई कितनी  खतरनाक क्यों न हो जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है.

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