स्वतंत्रता दिवस पर निबंध

स्वतंत्रता दिवस हमारे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है इसी दिन हमारा भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आज़ाद हुआ था.

आज़ादी के लिए लड़ने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और समर्पण को याद करते हुए हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ पूरे देश में मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Essay on Independence Day in Hindi)

Essay on Independence Day in Hindi

इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है सभी सरकारी कार्यालयों और स्कूल- कॉलेजों में सभी एक साथ इकट्ठा होकर तिरंगा फहराते है और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करते है.

इस लेख में हमारे देश के राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर निबंध लिखा गया है इस विषय पर छोटी कक्षा के बच्चों को अक्सर निबंध लिखने को कहा जाता है.

स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन

स्वतंत्रता दिवस के इस पावन उत्सव को मनाने के लिए स्कूलों के बच्चों में सबसे ज्यादा उत्साह रहता है. लगभग एक महीने पहले से तैयारियां शुरू कर दी जाती है.

स्कूलों में बच्चों को परेड और देश भक्ति कार्यक्रमों के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है और बच्चे भी इन गतिविधियों में बढ़ चढ़ के भाग लेते है. पूरे स्कूल को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है.

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन सुबह सभी जल्दी उठ कर तैयार होते है और तिरंगा फहराने के लिए एक साथ इकट्ठा होते है.

शुरुआत में सबसे पहले मुख्य अतिथि या स्कूल के प्राचार्य के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान गाया जाता है.

उसके बाद देशभक्ति गीत, कविताएं, सांस्कृतिक नृत्य, स्वतंत्रता दिवस पर भाषण जैसी बच्चो की विभिन्न प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाता है और कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि के द्वारा बच्चों में पुरस्कार वितरण कर उनका उत्साह बढ़ाया जाता है. सभी को मिठाइयां खिलाई जाती है.

इस अवसर पर हमारे देश की राजधानी दिल्ली में भी देश के प्रधानमंत्री के द्वारा लाल किले पर ध्वजारोहण किया जाता है.

हर साल स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर किसी दूसरे देश के नेता को आमंत्रित किया जाता है. देश के अलग अलग सुरक्षाबलों के द्वारा परेड का आयोजन किया जाता है जिसको देश के राष्ट्रपति संबोधित करते है.

सभी राज्यों के द्वारा अपनी अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करने के लिए झांकी निकाली जाती है और अंत में सबसे बेहतरीन झांकी को पुरस्कार भी दिया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस का संक्षिप्त इतिहास 

आज अगर हम अपने आप को  स्वतंत्र बता रहे है और खुली हवा में सांस ले रहे है तो इसका पूरा श्रेय हमारे देश के महान क्रांतिकारी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी, तात्या टोपे, सुखदेव, राजगुरु और कई लोगो को जाता है.

जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया. इस दिन के इतिहास के बारे में हमें जानकारी होना आवश्यक है.

भारत देश पर 200 वर्षों तक अंग्रेजों ने राज़ किया और भारतीय लोगो पर न जाने कितने जुल्म किये. इन जुल्मो के खिलाफ लोगों का आक्रोश  दिखना तो 1857 से ही शुरू हो गया था लेकिन आज़ादी पाने के लिए 90 वर्षो तक का इंतज़ार करना पड़ा.

1947 की शुरुआत में ही ब्रिटिश हुकूमत के द्वारा भारत को एक स्वतंत्र राज्य घोषित करने की बातें शुरू हो गयी थी इस कार्य को पूरा करने के लिए लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय नियुक्त किया गया.

फरवरी 1947 में लॉर्ड माउंटबेटन भारत आये और उन्होंने भारत के नेताओं से मुलाकात की. तभी पण्डित जवाहर लाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच देश के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था.

इसी विवाद के कारण भारत और पाकिस्तान का दो अलग अलग स्वतंत्र देशों के रूप इसका बँटवार करना पड़ा.

लार्ड माउंटबेटन ने पण्डित नेहरू से बात करने के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत को एक स्वतंत्र देश घोषित करने का फैसला किया.

15 अगस्त का वो दिन मानो भारत की जनता के लिए एक नया सवेरा लेकर आया हो. 15 अगस्त के दिन नेहरू जी ने इंडिया गेट के सामने तिरंगा फहरा कर इस मुल्क को आज़ाद घोषित किया और इस दिन को इतिहास के पन्नो में स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया गया.

16 अगस्त 1947 की सुबह नेहरू जी ने लाल किले पर तिरंगा फहरा कर देश को संबोधित किया. आज़ादी का असली महत्त्व शायद उस समय हमारे देश के लोगो के आलावा और किसी को पता न हो. तब से लेकर हर साल बड़े ही उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है.

आज़ादी का महत्त्व 

चाहे वो मनुष्य हो या फिर जानवर हो हर किसी के जीवन में आज़ादी का बहुत महत्त्व होता है. एक क्षण के लिए हम विचार करे कि अगर हमें बिना गलती किये कोई एक दिन के लिए भी किसी काल कोठरी के अंदर बंद कर दे और हमारे ऊपर अत्याचार करे तो यह सुनकर ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते है. यह उदाहरण ही हमे आज़ादी का महत्व समझाने के लिए काफी है.

आज़ादी का मतलब केवल शारीरिक रूप से आज़ादी नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति का आज़ादी होना बहुत ही जरुरी है.

हर सामान्य व्यक्ति के लिए भी आज़ादी उतनी ही जरुरी है जितनी देश के राष्ट्रपति या प्रधान मंत्री के लिए. समाज में हर व्यक्ति के साथ रंग, जाति, धर्म, समुदाय, लिंग आदि के आधार पर समानता की अभी भी कहीं न कहीं कमी है बल्कि महात्मा गाँधी का आज़ादी के लिए इन सभी पहलुओं का मुख्य उद्देश्य था.

हर व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि वो भेदभाव के इन विचारों से आज़ाद है तभी महात्मा गाँधी का आज़ादी का असली उद्देश्य पूरा होगा. 

उपसंहार 

हमारे देश की आजादी के लिए महान लोगों का एक साथ लड़ना और  समर्पण हमें यह सन्देश देता है कि आपस में एकता का कितना महत्त्व है.

उस समय अगर सभी एक साथ मिलकर आज़ादी के लिए संघर्ष नही करते तो शायद आजादी का दिन देखने में और भी ज्यादा समय लग जाता.

हमें स्वतंत्रता के महत्व को समझते हुए अगर हमारे साथ या समाज में किसी के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका विरोध करना है.

हमेशा देश के खिलाफ हो रही घटना जैसे आतंकवाद, भ्रष्टाचार, तिरंगे का अपमान, देश की धरोहर को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का हमेशा विरोध करना है. जय हिंदी जय भारत.  

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