मास्क पर निबंध

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में अपना कहर बरसाया है और छोटे या बड़े हर देश को कोरोना के कारण बहुत सी समस्याओं का सामना करना रहा है. पूरी दुनिया में लाखों लोग कोरोना वायरस नाम की इस बीमारी की चपेट में आये और कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. अमीर हो या गरीब कोई भी इस वायरस के प्रकोप से नहीं बच पाया है.

इस महामारी को हराने में वही व्यक्ति बहुत सफल रहा जिसने सरकार और प्रशासन के नियमो का जिम्मेदारी से पालन किया. जो लोग घर में रहे और भीड़ में जाने से बचे रहे उनका कोरोना अभी तक कुछ नहीं बिगाड़ पाया. कोरोना से बचना है तो आपस में दो गज दुरी और मास्क लगाना जरुरी है ताकि कोरोना को अपने शरीर में प्रवेश करने से रोका जा सके. इस लेख में मास्क पर निबंध लिखा गया है जो सभी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है.

Essay on Face Mask in Hindi

मास्क पर निबंध (Essay on Face Mask in Hindi)

आज के समय में मास्क एक ऐसी चीज़ है जिससे हर व्यक्ति परिचित हो चूका है. गाँव या शहर हो मास्क पहनना अब आम बात हो चुकी है. आज हमारे आस पास हर व्यक्ति मास्क पहनता है क्योंकि कोरोना वायरस से बच सके. पहले मास्क से सिर्फ डॉक्टर या पढ़े लिखे लोग ही परिचित थे लेकिन अब अनपढ़ और गरीब व्यक्ति को भी मास्क के बारे जानकारी है.

कोरोना वायरस से बचाने के लिए मास्क को सबसे महत्वपूर्ण और जरुरी हथियार माना जाता है क्योंकि मास्क वायरस को हमारे शरीर में प्रवेश करने से रोकता है. कोरोना वायरस हमारे नाक और मुँह से ही शरीर में प्रवेश करता है और धीरे-धीरे हमारे फेफड़ो को प्रभावित करने लगता है. एक समय ऐसा आ जाता है जब हमारे फेफड़े पूरे तरीके से वायरस से संक्रमित हो जाते है अगर समय पर हॉस्पिटल नहीं ले जाया गया हो तो मृत्यु भी हो सकती है.

कोरोना वायरस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है इसलिए सावधानी रखना ही सबसे बड़ा इलाज है. मुँह पर मास्क लगाए रखना और आपस में दुरी बनाये रखना बहुत जरुरी है. मास्क लगाने से हम खुद के साथ साथ दूसरे लोगो को भी संक्रमित होने से बचा सकते है. 

मास्क के विभिन्न प्रकार  

कई प्रकार के मास्क उपलब्ध है जिनका उपयोग करके आप खुद को और अपने आस पास के लोगो को संक्रमित होने से बचा सकते हो. अपने लिए उसी मास्क का चुनाव करे जो आरामदायक हो और आपको किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो

  1. कपडे का मास्क – यह मास्क अलग-अलग प्रकार के कपडे से बनाया जा सकता है कपड़े के मास्क को घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है. कपड़े की एक से अधिक परत की सिलाई करके ये मास्क बनाया जाता है ताकि वायरस से बेहतर सुरक्षा की जा सके. घर से बाहर निकलने पर हमेशा इसका प्रयोग करे. इस मास्क को बार-बार उपयोग में लाया जा सकता है. 
  2. डिस्पोजेबल मास्क – यह मास्क आसानी से हर मेडिकल पर उपलब्ध होता है जिसका उपयोग करने के बाद उसे आसानी से डिस्पोज़ किया जा सकता है. डिस्पोजेबल मास्क ऐसे कपड़े से बना होता है जो बुना हुआ नहीं होता और इसमें भी कपड़े की एक से अधिक परत होती है.
  3. एन-95 मास्क – एन-95 मास्क विशेष तौर पर हेल्थ केयर वर्कर के लिए बनाया गया और अब कोरोना से बचाव के लिए इस मास्क को बेहतर बताया गया है. यह चहरे पर फिट रहता है बारीक से बारीक कणो को नाक या मुँह में जाने से रोकता है. यह हवा में मौजूद 95% कीटाणुओं को रोकने में सक्षम है. इसी वजह से इसका नाम एन-95 रखा गया है.     

मास्क पहनने के फायदे

कोरोना का संक्रमण पूरे विश्व में तेजी से फैला है इसको देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. मास्क पहनने से कोरोना वायरस से अपने आप को सुरक्षित रखा जा सकता है. विभिन्न देशो के कोरोना वायरस के आंकड़ों से पता चलता है कि मास्क पहनने से कोरोना संक्रमण की रफ़्तार को बहुत हद तक कम किया जा सकता है.

श्वास और फेफड़ो से सम्बंधित बीमारी वाले लोगों को खांसी या छींक के साथ पानी की बुँदे निकलती है जो हवा में मौजूद रहती है और किसी दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकती इसलिए मास्क पहनने से यह बूँदे हवा में नहीं जायेगी जिससे दूसरे लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सकती है.

अगर कोई व्यक्ति किसी भीड़ भाड़ वाली जगह पर है और वहाँ पर सभी लोग मास्क पहने हुए है ऐसे में अगर उनमे से कोई एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है तब भी अन्य लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है. इसलिए मास्क पहनने से हम खुद के साथ-साथ दूसरों की भी सुरक्षा कर सकते है.

मास्क से जुड़ी सावधानियाँ  

बहुत सारे ऐसे लोग है जो मास्क तो पहनते है लेकिन उसे सही तरीके से नहीं पहनते. कोई नाक को खुला रखता है तो कोई मुँह और नाक दोनों के नीचे मास्क को लगाए रखते है ऐसे में यह मास्क नहीं पहनने के जैसा ही है इसलिए मास्क को सही ढंग से नाक और मुँह दोनों के ऊपर पहनना चाहिए और यह चहरे से पूरी तरह से चिपका हुआ होना चाहिए.

दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे और ऐसे व्यक्ति जिनको गंभीर साँस की बीमारी है या सांस लेने में समस्या होती है उनको मास्क के प्रयोग से बचना चाहिए. मास्क पहनने से पहले व्यक्ति को अपने हाथ को साबुन से धोना और सेनिटाइज़ करना चाहिए ताकि हाथ पर मौजूद कीटाणु मास्क पर नहीं लगे.

एक व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल किये हुए मास्क को कभी भी दूसरे व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कपड़े के मास्क को एक बार इस्तेमाल करने के बाद उसे धोना जरुरी है और अपने मास्क को एक सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए ताकि गलती से भी कोई दूसरा इस्तेमाल न करे.  

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निष्कर्ष – कोरोना महामारी बहुत जानलेवा है यह किसी भी व्यक्ति के शरीर को संक्रमित कर सकती है और मास्क पहनना ही इसका सबसे अच्छा बचाव है इसलिए हमें घर से बाहर निकलने से पहले मास्क पहनना सुनिश्चित करना चाहिए और हमारे आस पास के लोगों को भी मास्क पहनने की सलाह देनी चाहिए. याद रहे हमारी थोड़ी सी भी लापरवाही हमारे साथ-साथ हमारे पूरे परिवार को संकट में डाल सकती है.

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