कोरोना वैक्सीन जागरूकता पर निबन्ध

चीन से उत्पन्न हुई इस कोरोना महामारी ने पूरे विश्व में अपना कहर बरसाया और बहुत से लोगों की जान ली. इस महामारी के कारण कई देशों में सरकार को सम्पूर्ण लॉकडाउन का एलान करना पड़ा ताकि लोग बाहर नहीं निकले और इस संक्रमण की चैन तो तोड़ा जा सके. इस महामारी की रोकथाम के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों ने कोरोना वैक्सीन का आविष्कार करना शुरू कर दिया और लगभग सात महीनों के बाद रूस ने पहली कोरोना वैक्सीन का सफलतापूर्वक निर्माण किया।

सारे मेडिकल ट्राइल पास करने के बाद इस वैक्सीन को मार्केट में लॉन्च किया। इसके साथ ही दुनिया के और भी देशों ने वैक्सीन बनाने का दावा किया और भारत ने भी कोविशील्ड व कोवेक्सीन नाम की अपनी स्वदेशी वैक्सीन निर्मित कर ली. वैक्सीन लॉन्च होने के बाद बहुत जल्द ही टीकाकरण शुरू हो गया लेकिन लोगों को इसके बारे में जागरूकता नहीं होने के कारण वो वैक्सीन लगाने से डरने लगे. इस लेख में कोरोना वैक्सीन जागरूकता पर निबंध लिखा गया है जो सभी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है.

कोरोना वैक्सीन जागरूकता पर निबन्ध

covid-19 vaccine

वैक्सीन एक प्रकार का द्रव्य होता है जिसको जीवों के शरीर का उपयोग करके बनाया जाता है. इसका प्रयोग करके शरीर में किसी विशेष रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाई जाती है पोलियो, क्षय रोग, रोटा वायरस आदि कई प्रकार की बीमारियों को रोकने के लिए वैक्सीन मौजूद है. कोरोना वैक्सीन को शरीर की कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए निर्मित किया गया और कोरोना वैक्सीन ही लोगों को इस संक्रमण से बचा सकती है.

कोरोना से अगर अपने आप को सुरक्षित रखना है तो आपस में दुरी और मास्क लगाने के अलावा वैक्सीन लगवाना भी बहुत जरुरी है. चीन, अमेरिका, ब्राज़ील आदि देशों में बहुत तेजी से लोगों को वैक्सीन का डोज़ दिया जा रहा है और भारत में भी अलग-अलग चरणों में टीकाकरण किया जा रहा है. वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.

भारत सरकार ने देश के सभी नागरिकों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाई जा सके. इसके बावजूद भी बहुत से लोग वैक्सीन लगाने से बचने का प्रयास कर रहे है उनको डर है कि कोरोना वैक्सीन उनको किसी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट न कर दे. लेकिन यह गलत धारणा है वैक्सीन बीमारी से हमारी सुरक्षा करने के लिए है.

कोरोना वैक्सीन अभियान

विश्व के अन्य देशों की तरह भारत में भी अलग-अलग चरणों में वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया गया जिसमे  भारत में निर्मित कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों का प्रयोग किया गया. इस अभियान की शुरुरात 16 जनवरी 2021 को हुई और सबसे पहले उन लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गयी जो फ्रंटलाइन वर्कर है जैसे चिकित्सा कर्मचारी, शिक्षक, डाक कर्मचारी जैसे अन्य लोग जो जरुरी सेवाओं से जुड़े हुए है.

प्रथम चरण सम्पन्न होने के बाद 1 मार्च 2021 को दूसरे चरण की शुरुआत की गयी जिसमे 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों का टीकाकरण शुरू किया गया और 1 मई 2021 से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू किया गया. चूँकि 18 से अधिक उम्र वाले लोगो की संख्या बहुत अधिक है इसलिए सरकार ने इस चरण को थोड़ा आसान करने के लिए CoWIN नाम की एप्लीकेशन लांच की जिसके माध्यम से लोग वैक्सीन के लिए घर बैठे रजिस्टर कर सकते है.

टीकाकरण अभियान के दौरान हर शहर और गांव में लोगों को घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने के लिए सूचित किया जा रहा है ताकि व्यक्ति और परिवार को मुफ्त टीकाकरण का लाभ मिल सके. स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी दी गई कि वो हर घर में लोगों को वैक्सीन लगाने के बारे में जागरूक करे.

कोरोना वैक्सीन जागरूकता 

देश में वैक्सीन के प्रति जागरूकता को लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है. वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों के शरीर में साइड इफ़ेक्ट भी देखे गए है जिसके कारण लोगों के बीच संकोच पैदा हुआ है. अमेरिका के सेन्टर ऑफ़ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार कोरोना वैक्सीन बहुत ही प्रभावशाली है यह बीमारी का हमारे शरीर में प्रभाव होने से रोकती है क्योंकि यह हमारे शरीर में उस वायरस के खिलाफ लड़ने वाले एन्टीबॉडी बनाती है.

वैक्सीन लगवाने के बाद उस व्यक्ति को बुखार, सिर दर्द और पूरे शरीर में जकड़न हो सकती है लेकिन कुछ दिनों बाद सारी स्थिति सामान्य हो जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर वैक्सीन लगाने के बाद शरीर दर्द और बुखार आता है तो इसका मतलब है वैक्सीन शरीर में सही तरीके से काम कर रही है. लेकिन फिर भी किसी व्यक्ति को गंभीर समस्या होती है तो उसके लिए सरकार द्वारा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध करवाए गए है.

वैक्सीन को लेकर लोगों के बीच जागरूकता को लेकर सरकार के द्वारा पोस्टर लगवाकर, सोशल मीडिया, विज्ञापन आदि प्रयास किये जा रहे है. देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के द्वारा वैक्सीन लगाते हुए फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को दिखाया जाता है ताकि वैक्सीन को लेकर लोगों के बीच गलत धारणा दूर हो. सरकार का यहीं प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जाये ताकि भविष्य में आने वाली कोरोना की लहर से सुरक्षित बच सके.

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निष्कर्ष

कोरोना महामारी का वैक्सीन ही सबसे प्रभावी इलाज है इसलिए सभी लोगों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए. हमें सरकार के इस प्रयास में उनका साथ देना है और अपने आस पास जिसने भी वैक्सीन नहीं लगवाई या लगवाने से मना कर रहा है उसको जागरूक करना है. सरकार के द्वारा वैक्सीन लगवाने के लिए कोई भी दबाव नहीं है लेकिन देश के नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी है वैक्सीन हमें बचाने के लिए ही बनायीं गयी है.

वैक्सीन लगाने के बाद भी किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए जब तक यह महामारी ख़त्म नहीं हो जाती तब तक आपस में दो गज दूरी और मास्क लगाना जरुरी है. क्योंकि वैक्सीन लगाने के बाद भी फिर से संक्रमण हो सकता है लेकिन हमारे शरीर को इतना प्रभावित नहीं करेगा और आसानी से उसका इलाज करवाया जा सकता है.   

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