आधुनिक नारी पर निबंध

हर समाज में नारी को अलग ही स्थान दिया गया है भारत में नारी को देवी का रूप माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है. नारी इस सृष्टि का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जिसके बिना इस संसार की कल्पना करना  संभव नहीं है. वैदिक काल में भी महिलाओं को पुरुषों के बराबर समझा जाता था और हर धार्मिक कार्य में महिलाओं को शामिल किया जाता था.

बदलाव ही इस सृष्टि का नियम है और जो समय के अनुसार अपने आप को बदलने में सफल हुआ है वो हमेशा आगे बढ़ता रहा है. ऐसे में नारी ने भी अपने आप को समय के साथ बदला है और नारी के इस नए रूप को आधुनिक नारी का नाम दिया. नारी का यह आधुनिक रूप हर छोटे-बड़े काम में पुरुष के साथ कंधे से  कन्धा मिलाकर साथ देती है.   

इस लेख में आधुनिक नारी पर निबंध लिखा गया है जो हर कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के दृष्टिकोण से  उपयोगी है.  

आधुनिक नारी पर निबंध 

adhunik nari par nibandh

समय के साथ इस दुनिया में सजीव और निर्जीव हर वस्तु का आधुनिकीकरण हुआ है. हमने समय के साथ नई-नई तकनीक का आविष्कार किया और उसे अपनाया है. समय के साथ नए बदलाव को अपनाना ही आधुनिकीकरण है और आज हर देश के पुरुष और महिलाएं आधुनिकता को अपना चुके है.

आज वो समय नहीं है जब महिलाएं सिर्फ घर का काम करती थी और परिवार संभालती थी. आज की आधुनिक नारी ऐसी पुरानी धारणा को पीछे छोड़ कर सभी काम कर रही है जो पुरुष करते आ रहे है. आधुनिक नारी  अपना घर परिवार भी संभाल रही है और साथ ही नौकरी या व्यवसाय भी कर रही है.

देश की अर्थव्यवस्था में भी आज नारी बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है यह सब नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के कारण ही संभव हो पाया है. हर देश में महिलाओं को शिक्षा में आगे आने के मौके दिए जा रहे ताकि हर महिला आत्मनिर्भर बन सके और उसे अपनी  जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी के ऊपर निर्भर न रहना पड़े.

महिलाओं को अच्छी शिक्षा मिलने से उनको बेहतर रोजगार मिल रहा है जिसके परिणामस्वरूप वो अपने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. आधुनिक नारी केवल नौकरी ही नहीं कर रही है बल्कि अपनी खुद की प्रतिभा के दम पर बिज़नेस भी कर रही है और लाखों लोगों को रोजगार दे रही है.

भारत में आधुनिक नारी की भूमिका   

दुनिया के विभिन्न विकसित और विकासशील देशों में शिक्षा, व्यवसाय और राजनीति जैसे हर क्षेत्र में महिलाएं बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. भारत में भी आज नारी हर क्षेत्र में अपना योगदान देने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है हालाँकि अमेरिका, जापान, चीन जैसे कई देशों के मुकाबले भारतीय नारी अभी तक खुल कर हर क्षेत्र में अपना योगदान नहीं दे पा रही है.

भारत एक पुरुष प्रधान देश है और यहाँ सालों से महिलाओं को चारदीवारी के अंदर सीमित रखकर उसके सपनो को दबाने की परंपरा चली आ रही है. कुछ वर्षों पहले तो महिला को घूंघट उठाने तक की अनुमति नहीं दी जाती थी लेकिन धीरे-धीरे महिलाओं के हित के लिए आवाज उठने लगी और रूढ़िवादी परम्पराओं को पीछे छोड़ कर वो समाज में अपनी खुद की अलग पहचान बना रही है.

आज के इस आधुनिक युग में नारी को हर रूप में स्वीकार किया जा रहा है वो देश की रक्षा करने के लिए सेना में कदम रख चुकी है और अपनी शक्ति से दुश्मनों को लोहा भी मना रही है. महिलाएं थल सेना, वायु सेना और जल सेना हर सुरक्षा बल में शामिल है ताकि अपने देश की रक्षा में अपना योगदान दे सके.

प्राचीन समय में दिल्ली सल्तनत काल में रजिया सुल्तान भारत की पहली ऐसी महिला थी जिसने दिल्ली पर शासन किया. भारत रत्न इंदिरा गाँधी भी देश की पहली ऐसी महिला थी जो देश की प्रधानमंत्री बनी और यह साबित किया कि एक महिला भी देश का नेतृत्व कर सकती है. 

समय के साथ महिलाएं देश की दूसरी महिलाओं से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में कदम रखने लगी. धीरे-धीरे भारतीय महिलाओं ने चाँद और अंतरिक्ष, समाज सेवा, राजनीति, चिकित्सा, तकनीक, व्यवसाय जैसे हर क्षेत्र में कदम रखा और अपनी पहचान स्थापित की.

भारत में आज ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं बचा होगा जहां महिलाएं अपना योगदान नहीं दे रही हो लेकिन महिलाओं का एक बहुत बड़ा तबका अभी भी गाँवों और छोटे शहरों में समाज और परिवार के बोझ तले दबा हुआ है जिसको बाहर लाना बहुत आवश्यक है ताकि देश की हर नारी आधुनिक नारी कहला सके.

भारत के कई क्षेत्रों में आज भी लोग कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसे अपराधों को बढ़ावा देते है जिसके कारण आज कुछ महिलाएं अपने सपनों को अंदर ही मार देती है और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ के नीचे हमेशा के लिए दबी रहती है ऐसी महिलाओं के लिए भी लोगों की सोच को बदलने की आवश्यकता है ताकि वो भी आधुनिक नारी कहलाएं.

भारत की रोशनी नादर आधुनिक नारी के सशक्तिकरण का बहुत बड़ा उदहारण है वो फ़िलहाल एक व्यवसायी है वो एचसीएल टेक्नोलॉजी लिमिटेड कंपनी की प्रमुख है और भारत की सबसे अमीर महिलाओं की सूचि में प्रथम स्थान पर है. यह उदाहरण दर्शाता है कि भारत में भी महिलाओं रूढ़िवादी परम्पराओं को पीछे छोड़ कर बहुत आगे निकल चुकी है.

भारत में आज की आधुनिक नारी समाज के डर से पहले की तरह केवल साड़ी पहनने पर मजबूर नहीं है बल्कि वो अपनी पसंद के अनुसार जो चाहे वो पहनने के लिए आज़ाद है. आज समाज में एक पिता अपनी बेटी पर गर्व करता है, एक पति अपनी पत्नी पर गर्व करता है, एक भाई अपनी बहन पर गर्व करता है और बच्चे अपनी माँ पर गर्व करते है यह सब आधुनिक नारी के इस नए रूप की वजह से संभव हो पाया है.  

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  1. नारी शिक्षा का महत्त्व पर निबंध
  2. नारी सुरक्षा पर निबंध
  3. रक्षाबंधन पर निबंध
  4. नारी पर निबन्ध
  5. रानी लक्ष्मी बाई पर निबंध
  6. वृक्षारोपण पर निबंध
  7. परोपकार पर निबन्ध
  8. पुस्तकालय पर निबंध
  9. आतंकवाद पर निबंध
  10. राष्ट्रीय पक्षी मोर पर निबंध

निष्कर्ष

नारी के इस आधुनिक रूप ने समाज और देश को आज बहुत आगे पहुंचाया है और सभी को गर्व महसूस कराया है. हर व्यक्ति को नारी की इस आधुनिकता का सम्मान करते हुए महिलाओं को आगे बढ़ाने का हमेशा प्रयास करना चाहिए. अगर हमारे समाज का हर व्यक्ति अपने घर की महिला को घर से बाहर निकलकर चिकित्सा, शिक्षा, कला और तकनिकी क्षेत्रों में आगे लाने का प्रयास करें तो देश का आर्थिक विकास भी होगा और आधुनिक नारी के इस नए रूप में और भी महिलाएं शामिल होगी.   

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